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बरसात के दिनों में बिजली बनी लोगों के लिए मुश्बित

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आफत बनकर आयी बरसात, बिजली के कटों और गालियों में खड़े पानी ने बढ़ाई मुसीबत
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- नालों और गलियों में खडे़ पानी से बढ़ा बीमारी फैलने का डर
- लगातार बिजली के कट लगने से पानी की समस्या बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
लाखनमाजरा। भीषण गर्मी से निजात पाने और अच्छी खेती के लिए भले ही लोग मानसून की पहली बारिश का इंतजार कर रहे थे। लेकिन ये बारिश लाखनमाजरा के लोगों के लिए आफत बनकर आयी है। पहली बारिश से ही गांवों की गलियों में पानी खड़ा हो रहा है। नालों से लेकर सड़कों तक चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। पानी खड़ा होने से ग्रामीणों को मच्छरों का प्रकोप सताने लगा है। खासकर छोटे बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं बिजली के कटों के कारण बुजुर्गों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में दिन में केवल डेढ़ घंटे ही बिजली आ रही है। रात में भी हाल कुछ इसी तरह का है। जिसके कारण गर्मी से लोग बेहाल हैं। साथ ही बिजली के कटों के कारण पानी की आपूर्ति भी बाधित रही है।
खाली पडे़ प्लाटों में पनपते हैं मच्छर, नहीं है पानी निकासी का प्रबंध
लाखनमाजरा के समाजसेवी कविराज राठी ने बताया कि बरसात के दिनों में न केवल गलियों में बल्कि घरों के आस पास खाली पड़े प्लाटों में पानी खड़ा हो जाता है । जिसकी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। खाली प्लाटों में खडे़ पानी में मच्छर पैदा होते हैं। जिसने बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। प्रशासन को मच्छरों से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए।
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पानी निकासी की समस्या कोई नई नहीं है, हर साल होता है यही हाल
समाजसेवी बलबीर राठी ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। हर साल यही हाल होता है। गांव में पानी निकासी के लिए नाले बनाए गए। लेकिन नाले से पानी निकासी होगी कह नहीं सकते। नाला निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। जिससे नालों में पानी खड़ा हो जाता है। प्रशासन समय से नालों का निर्माण कार्य पूरा कराये, ताकि नालों में पानी खड़ा न हो।

बिजली के कट लोगों के लिए बने सिरदर्द
समाजसेवी निर्मला राठी का कहना है कि बिजली के कट लोगों के लिए सिर दर्द बन चुके हैं। गर्मी में मौसम और बरसात में सबसे ज्याद बिजली के कट लगते हैं। जिससे लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है। कभी कभी तो दिनभर बिजली के दर्शन नहीं होते। वहीं गालियों और नालों में खडे़ पानी से आती बदबू में सांस लेना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में बीमारी फैले इससे पहले मच्छरों से निजात दिलाई जाए।
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दस साल कांग्रेस और चार साल से भाजपा लेकिन समस्या जस की तस
लाखनमाजरा गांव के पूर्व सरपंच जगपाल राठी ने कहा कि बरसात का मौसम में वैसे ही बीमारियों का दौरा शुरू हो जाता है। घरों के आस पास फैली गंदगी और ओवरफ्लो नालों से उठने वाली बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है। और ऐसे में बिजली कटों ने आमजन का जीवन नारकीय बना दिया है। चार साल भाजपा सरकार को हो गए। लेकिन क्षेत्र में समस्या जस की तस है। जनता परेशान है। पीने के पानी से लेकर गांवों से पानी निकासी को लेकर हाहाकार मची है लेकिन सरकार मौन है।
फोटो नंबर:3 कविराज समाजसेवी।
फोटो नंबर:4 बलबीर राठी समाजसेवी।
फोटो नंबर:5 निर्मला राठी प्रमुख समाजसेवी।
फोटो नंबर:6 जगपाल राठी पूर्व सरपंच लाखनमाजरा।
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