फ्लैग : राजपूत समाज के कार्यक्रम में पहुंचे सहकारिता मंत्री, बोले
हेडिंग : विकास कार्यों के लिए नहीं फंड की कमी
- सेक्टर 4 में हनुमान मंदिर की भूमि का किया पूजन
- मीडिया सेंटर की भी रखी नींव
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
राजपूत समाज की ओर से जींद रोड स्थित धर्मशाला में महाराणा प्रताप वार्षिक पुरस्कार वितरण व सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने शिरकत की। मंत्री ने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी नहीं है। राजपूत ही नहीं, हर समाज के विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा। ग्रोवर ने कहा कि पिछले तीन वर्ष में जिले के अंदर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रिकार्ड विकास कार्य करवाए गए हैं। राजपूत राजपूत धर्मशाला के निर्माण के लिए पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
सेक्टर 4 में सहारा आश्रम व डिस्पेंसरी निर्माण का भूमि पूजन
वहीं, सेक्टर-4 में हरिओम सेवा दल द्वारा पंचमुखी हनुमान मंदिर, सहारा आश्रम एवं डिस्पेंसरी निर्माण किया गया जा रहा है, जिसके लिए सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने रविवार को न केवल भूमि पूजन किय, बल्कि शिलान्यास कर हवन में आहुति भी दी। मंदिर व आश्रम का निर्माण लगभग 1650 वर्ग भूमि में किया जा रहा है। ग्रोवर ने कहा कि सहारा आश्रम व डिस्पेंसरी के लिए हरिओम सेवा दल द्वारा लम्बे समय से मांग की जा रही थी जो सरकार ने पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि आश्रम के बन जाने से हरिओम सेवा दल की सेवाओं का और अधिक विस्तार होगा। इस अवसर पर मंहत कपिलपुरी, समाज सेवी मनमोहन गोयल, डॉ.संदीप, सतीश, राधेश्याम ढल, जोगेंद्र सैनी, मुलखराज धमीजा, मदन सिंह मंडल अध्यक्ष, राजीव मलिक, राजीव जैन, विनोद, मनोज बत्तरा व संजय खुराना, सतीश रोहिल्ला, दिनेश टक्कर, योगेश अरोड़ा, आदि उपस्थित थे।
पब्लिक लाइब्रेरी एवं मीडिया क्लब की रखी नींव
मंत्री ने रविवार सुबह बाल भवन परिसर में एक करोड़ की लागत से बनने वाली पब्लिक लाइब्रेरी एवं मीडिया क्लब की नींव रखी। मंत्री ने बताया कि लगभग 500 वर्ग गज में बनने वाले इस मीडिया सेंटर का काम छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त प्रदीप कुमार, डीटीपी केके वार्ष्णेय, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज छाबड़ा, कर्नल आरएस सुहाग, अशोक सिक्का, अशोक मिनौचा, पंकज आनंद, जगदीश भट्टी, धर्मबीर सैनी, सुशील अनेजा, अशोक पांवरिया, जोकी सरोहा, शिव नारायण सैनी, सुरेंद्र काले, अमित शर्मा व वजीर खोखर भी मौजूद रहे।