आर्य समाज के विचारों से प्रभावित होकर शोध के लिए किया देहदान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आर्य समाज के विचारों से प्रभावित होकर मॉडल टाउन निवासी महिला ने अपना शव शोध के लिए दान देने का निश्चय किया। अब उनके निधन के बाद एलआईसी से सीनियर मैनेजर पद से सेवानिवृत्त आरएल बतरा ने अपनी पत्नी राज बतरा का शव पीजीआई के एनाटमी विभाग को सौंपा।
एनाटमी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस.के. राठी ने परिवार को स्मृति चिह्न के तौर पर एक पौधा भेंट किया और शरीर को दान करने के लिए आभार जताया है। बतरा ने बताया कि उनकी पत्नी एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। उन पर आर्य समाज के विचारों का गहरा प्रभाव था। जीवन के अंतिम समय में वह कैंसर से पीड़ित थीं, तो भी लोक कल्याण की भावना उनमें प्रबल थी। उनकी अत्यधिक इच्छा के अनुसार उनका नेत्रदान एवं देहदान किया। देहदान के इंचार्ज डॉ. विवेक मलिक ने भी परिवार का आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. रितू, डॉ. कमल, डॉ. आरती भी मौजूद रहीं।