लुटेरे को दबोचने से पहले बहादुर बेटी ने सोचा था अब तो आर या पार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बहादुर बेटी को अमर उजाला कार्यालय में सम्मानित किया गया। आईएमटी स्थित कार्यालय पहुंची डिंपी गुलाटी ने खुलकर अपने विचार रखे। अमर उजाला की ओर से डिंपी को युवा शक्ति सम्मान देकर सम्मानित किया। अपने भाई के साथ डिंपी कार्यालय पहुंची। डिंपी ने बताया कि एमडीएन और नालंदा स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है। डिंपी ने सिक्किम मणिपाल विवि से बीसीए की पढ़ाई करने के बाद पंजाब नेशनल बैंक में बतौर रिलेशन मैनेजर नौकरी ज्वाइन की थी।
डिंपी ने बेबाकी से दिए सवालों के जवाब
सवाल- किसी बदमाश से भिड़ने की हिम्मत कैसे जुटाई
जवाब- मेरे माता पिता और भाई ने हमेशा आत्म सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने ने ही बताया कि कभी किसी ने मत डरो। उन्हीं से हमेशा मुझे प्रेरणा मिली।
सवाल- क्या सोचकर आप आरोपी के पीछे स्कूटी लेकर दौड़ीं? क्या आपको आरोपी से डर भी लगा था?
जवाब- कुछ सेकेंड के लिए मैं मामला समझ ही नहीं पाई। इसके बाद मैं संभल गई। मैंने सोचा कि बैग में मेरे ऑफिस का सारा रिकार्ड है। इसके अलावा सारा सामान मेरा ही तो था। इस कारण मैंने आरोपी का पीछा किया।
सवाल- इस तरह की कोई वारदात पहले भी आपके साथ हुई थी?
जवाब- जब मैं दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। तब एक युवक ने कंधे पर हाथ लगाया था। उसके पीछे भी मैं जूती लेकर दौड़ी थी।
सवाल- आप शहर की महिलाओं और छात्राओं को क्या संदेश देना चाहेंगी।
जवाब- बस यही कहना चाहूंगी कि शुरूआत हमें ही करनी है। जब हम शुरूआत करेंगे तो पुलिस भी साथ देगी। महिलाओं को किसी भी सूरत में खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। ऐसे आरोपियों का डटकर मुकाबला करना चाहिए।
सवाल- पुलिस व्यवस्था के बारे में क्या कहेंगी।
जवाब- पुलिस ने मेरा पूरा साथ दिया। सूचना देने के कुछ ही देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। यह बात और है कि पुलिस के इंतजाम अच्छे होने चाहिएं। मजबूत इंतजाम होंगे तो ऐसी वारदातें होंगी ही नहीं।
आरोपी के खिलाफ पहले भी आधा दर्जन केस दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी विभिन्न थानों में आधा दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। आर्य नगर चौकी प्रभारी एसआई रमेश नांदल ने बताया कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकार्ड है। उसके खिलाफ अधिकतर केस चोरी और स्नैचिंग के हैं। जांच में पता लगाया जा रहा है कि पिछले दिनों हुई स्नैचिंग के मामलों में आरोपी शामिल था या नहीं।
पुलिस के इंतजाम नाकाफी, डिंपी जैसा हौसला चाहिए
रोहतक। शहर में लगातार घटनाएं हो रही हैं और पुलिस इन पर लगाम लगाने में नाकाम है। पिछले दिनों से लगातार चेन स्नैचिंग ने महिलाओं का सड़क पर आना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में अहम सवाल यही है कि पुलिस के इंतजाम नाकाफी हैं और महिलाओं को खुद ही डिंपी की तरह अपनी सुरक्षा करनी पड़ सकती है। डिंपी के साहस को प्रोत्साहित करने वाली पुलिस के पास लुटेरों को पकड़ने के सवाल का कोई जवाब नहीं है।
पिछले दिनों हुई स्नैचिंग की वारदातें
- चार जून को बाइक सवार एक युवक ने शिवाजी कॉलोनी चौक पर हरियाणा पुलिस के एएसआई की पत्नी से सुनीता से पर्स छीना।
- बाइक सवार दो युवकों ने चार जून को ही जनता कालोनी में युवक अनिकेत से मोबाइल छीना।
- एक बाइक सवार ने छह जून को सेक्टर एक में किराए पर रहने वाली बीएसएफ जवान प्रदीप की पत्नी हसनगढ़ निवासी निधि शर्मा के गले से सोने की चेन तोड़ी।
- सेक्टर दो निवासी एएसआई रघबीर सिंह की पत्नी सुमित्रा के गले से भी बाइक सवार युवक ने छह जून को ही चेन तोड़ी।
- छह जून को लॉ के छात्र से पुराना बस स्टैंड के पास स्नैचिंग का प्रयास किया गया।
- छह जून को डीएलएफ कॉलोनी की डॉक्टर अंजलि अरोड़ा के गले से एक बाइक सवार युवक ने चेन तोड़ी।
- छह जून को ही बैंक कॉलोनी निवासी संतोष अरोड़ा के गले से बाइक सवार चेन तोड़कर ले गया। इसके अलावा बैंक कालोनी में ही एक और महिला के गले से चेन तोड़ी गई थी।
- 28 जून को गांव खरावड़ के सरपंच बिजेंद्र मलिक की बहन सीमा के गले से सोने की चेन तोड़ी।
- 3 जुलाई को एमडीयू के गेट नंबर छह से कैंपस के बाहर आते हिसार की न्यू मॉडल टाउन एक्सटेंशन निवासी शिक्षिका वर्षा से बाइक सवार ने पर्स छीना था।
- 30 जून को सोनीपत रोड स्थित विकास नगर निवासी डॉक्टर सोनिका से किशनपुरा रोड पर बाइक सवार ने चेन छीनी थी।