लड़कियों को दो लाख देने की कोई योजना नहीं : डीसी
नारनौल-महेंद्रगढ़। उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अविवाहित लड़कियों को दो लाख रुपये देने की कोई योजना नहीं है। कोई भी नागरिक इस तरह की अफवाह के झांसे में न आए और फार्म आदि भरने की प्रक्रिया में उलझकर अपना समय व पैसा बर्बाद न करें।
शुक्रवार को उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले में अगर कहीं भी इस तरह की झूठी योजनाओं के बारे में फार्म यदि दुकानदार बेच रहे हों तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। फार्म आदि अटेस्ट करने वाले नोटरी पब्लिक भी इस प्रकार के झूठे फार्म अटेस्ट न करें। उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि जब भी केन्द्र एवं प्रदेश सरकार कोई योजना एवं नीति तैयार करती है तो उसकी विधिवत घोषणा की जाती है। जिसे लागू करने का कार्य विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी करते हैं।
एसडीएम विक्रम सिंह ने शुक्रवार एसडीएम ने महेंद्रगढ़ कोर्ट एवं लघु सचिवालय परिसर में स्थित फोटो स्टेट की तीन दुकानों पर छापा मारा। उन्होंने दुकानदारों चेतावनी देते हुए कहा कि जो झूठी स्कीम से संबंधित फार्म बेचता पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने फार्म अटेस्ट करने वाले नोटेरी पब्लिक से कहा कि गलत फार्म बिल्कुल भी अटेस्ट न करें। महिला एवं बाल विकास विभाग महेंद्रगढ़-नारनौल की परियोजना अधिकारी दर्शनाराव शर्मा ने भी स्पष्ट करते हुए कहा कि 8 से 32 वर्ष आयु तक की अविवाहित लड़कियों को दो लाख रुपये देने की कोई भी स्कीम नहीं है।
उल्लेखनीय कि पिछले एक सप्ताह से ऐसे फार्मों को महिला एवं बाल विकास विभाग भारत सरकार के पास भेजने की लोगों में होड़ लगी हुई थी तथा डाक घरों की खिड़की के बाहर फार्म की रजिस्ट्री करवाने वाले पुरुषों, महिलाओं एवं लड़कियों की लंबी-लंबी लाइने ंलगी हुई थी। पिछले दस दिनों में 1200 से अधिक स्पीड पोस्ट की जा चुकी हैं।