‘शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते रुकी पदोन्नति’
- हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की प्रांतीय उपाध्यक्षा ने लगाया आरोप
- चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधीक्षक तक के पदोन्नति मामले 30 वर्षों से रुके
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधीक्षक तक के पदोन्नति मामले 30 वर्षों से रुके हैं। इसके विरोध में कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग जल्द ही पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।
हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की प्रांतीय उपाध्यक्षा उर्मिला ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के फील्ड कर्मचारियों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। अधिकारियों की पदोन्नति तो पद खाली होते ही हो जाती है, लेकिन फील्ड कर्मचारी 30-30 वर्ष से एक ही पद पर कार्यरत हैं। इसके लिए वे शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव और स्कूल शिक्षा हरियाणा के निदेशक से भी कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सभी शिक्षा विभागों में चपरासी से लेकर अधीक्षक तक की पदोन्नति सूची खाली पड़ी है। इसमें सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में सहायक, खंड कार्यालय में आंकड़ा सहायक, जिला मौलिक कार्यालय में अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में एडीए और स्थापना अधिकारी के पद भी खाली पड़े हैं।