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आउटर के मुख्य मार्गों पर 15 जगह लगाया जाम, मकड़ौली टोल पर पांच लाख अधिक मिला टैक्स

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रोहतक। किसानों के आह्वान पर मंगलवार को भारत बंद का असर मिला जुला रहा। सुबह 11 बजे लोगों ने जिले के आउटर मुख्य मार्गों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर जाम लगाया। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे तक रास्ते जाम रहे। इस दौरान छोटे वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों से आगे बढ़ गए लेकिन बड़े वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
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आरपीटीएल के सीजेएम कर्नल वीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मकड़ौली-डाहर टोल से गुजरने वाले वाहन चालकों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा रही। आम दिनों में यहां से करीब 20-22 हजार वाहन गुजरते थे। जबकि मंगलवार को 25 हजार से ज्यादा वाहन यहां से निकले। किसान आंदोलन के बाद अन्य दिनों में टोल का टर्नओवर करीब 40 लाख रहता था। भारत बंद के दिन टर्नओवर में करीब 5 लाख का इजाफा हुआ है। छोटे वाहन चालक वैकल्पिक रास्तों से होते हुए टोल तक पहुंचे। टोल पर किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं हुई।
इन 15 जगहों पर लगाया जाम
1. इस्माइला चौक
2. टिटौली चौकी के पास
3. कलानौर
4. कोर्ट कांम्पलेक्स के पास
5. बहु अकबरपुर बाइपास
6. भाली आनंदपुर शुगेर मिल के पास
7. बालंद गांव के पास
8. बोहर बाइपास
9. जाट भवन के पास
10. मकड़ौली के पास
11. नेशनल हाइवे पर गांव ब्राह़ामणवास के पास
12. मदीना टोल के पास
13. मायना के पास
14. खरावड़ बाइपास
15. सांपला चौक
भारत बंद के चलते पुलिस ने योजना के अनुसार काम किया। करीब 1200 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहे। कहीं कोई अनहोनी घटना नहीं हुई। लोगों ने शांतिपूर्वक धरना दिया। करीब 15 जगहों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सांकेतिक धरना एवं जाम लगाया गया। - गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।
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रोडवेज डिपो को लगभग 10 लाख का हुआ घाटा
कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद के आह्वान का असर हरियाणा रोडवेज की बसों पर भी पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने दिल्ली व उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली बसों को संचालित नहीं किया, वहीं आंदोलन की सूचना पर बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या भी काफी रही। सड़कें जाम होने से सुबह 11 बजे से तीन बजे तक रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो पाया। इस कारण मंगलवार को रोहतक डिपो को करीब दस लाख रुपये का घाटा हुआ है। मंगलवार अलसुबह से 11 बजे तक बसों का संचालन हुआ। इसके बाद सड़कों पर लगे जाम के कारण बस स्टैंड पर ही सारी बसें खड़ी हो गई। बस स्टैंड परिसर से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को निजी बसों व प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। वहीं हिसार, पानीपत, जींद आदि रूटों की बसें भी प्रभावित हुई। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सुबह 11 बजे से तीन बजे तक हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों की यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया है।
मुझे हिसार जाना है। सुबह साढ़े दस बजे से दो बजे तक बस नहीं मिली। बस स्टैंड पर ही बैठी हूं। मेरे घर पर भी सभी परेशान हैं। मजबूरी हैं जाना जरूरी है। - विद्या, बलियाना
गुरुग्राम से दो बच्चों को साथ लेकर चली थी। पता नहीं था कि रास्ते में फंस जाएंगे। सुबह दस बजे के बाद से सिरसा के लिए कोई बस नहीं मिली है। मेरे साथ बच्चे भी परेशान हो रहे हैं। - अर्चना, गुरुग्राम
अलसुबह बसों को रूटों पर रवाना कर दिया गया। चंड़ीगढ़ रोजाना करीब 16 बसें जाती हैं, लेकिन मंगलवार को पांच बस दौड़ी। इसके अलावा पानीपत भी बस भेजी गई। दिल्ली व उत्तरप्रदेश की ओर जाने वाली बसों को संचालित नहीं किया गया है। दोपहर बाद हिसार साइड बस संचालन में समस्या हुई। महम रूट पर बसें पहले ही बंद थी, तीन बजे के बाद सवारी आई, उन्हें भिजवा दिया गया। डिपो की सभी बसें ठीक हैं, कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सामान्य दिनों में 15 से 16 लाख एक दिन में कैश आता था, बंद के चलते तकरीबन दस लाख का डिपो को घाटा हुआ है।
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- जोगेंद्र रावल, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज रोहतक डिपो
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