प्रशासन, पुलिस, खुफिया तंत्र सब फेल, रातोंरात जमा हो गए हजारों रामपाल समर्थक
-हजारों समर्थकों की शहर में दस्तक, बिना तैयारी पुलिस व प्रशासन के फूले हाथ-पैर
: समर्थकों का दावा, सीआईडी को दे दी थी सूचना, प्रशासन का सूचना से इनकार
-लघुसचिवालय से मानसरोवर पार्क तक जुलूस निकालकर आजीवन कारावास की सजा काट रहे रामपाल की रिहाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हजारों रामपाल समर्थक रातों-रात रोहतक में एकत्रित हुए और रविवार सुबह लघुसचिवालय से मानसरोवर पार्क तक जुलूस निकालकर आजीवन कारावास की सजा काट रहे रामपाल के समर्थन में जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
सूत्रों का कहना है कि शनिवार रात ही रामपाल समर्थक मानसरोवर पार्क में एकत्रित होना शुरू हो गए। सुबह तक संख्या ढाई हजार से ज्यादा पहुंच गई। सैकड़ों समर्थक रेल व बसों से दूसरे राज्यों से रोहतक पहुंचे। सबसे पहले लघुसचिवालय पहुंच कर डीसी को राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र दिया। डीसी की गैर मौजूदगी में डीडीपीओ अरविंद मलिक को मांग पत्र दिया।
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मुझे आज सुबह ही पता लगा कि रामपाल के समर्थक धरना प्रदर्शन करेंगे। तुरंत ही पुलिस को मौके पर भेजा गया था। पूर्व में मुझे कार्यक्रम के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई।
-अरविंद मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
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रामपाल के समर्थकों ने पुलिस को कार्यक्रम के बारे में पूर्व में कोई सूचना नहीं दी थी। फिर भी पता लगने पर व्यापक संख्या में पुलिसक र्मियों को सुरक्षा की दृष्टि से भेजा गया था।
मो. जमाल, डीएसपी
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सीआईडी को दी थी सूचना, कहां से कहां तक जाएंगे
शनिवार की शाम में सीआईडी से तीन लोग उनके पास पहुंचे थे। उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी गई थी। दावा किया कि जिन जिन रास्तों से प्रशासन ने डीसी कार्यालय तक जाने के लिए कहा था, वहीं से समर्थक डीसी कार्यालय तक पहुंचे। शांतिपूर्वक तरीके से ही ज्ञापन सौंपा गया।
-चांद राठी, मीडिया प्रभारी रामपाल समर्थक
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भाई कम आदमी बुलाना, पुलिस सीएम और पीएम के कार्यक्रम में लगी
मीडिया प्रभारी ने बताया कि सीआईडी से जुड़े लोगों ने कहा था कि भाई कम आदमी ही बुलाना, पुलिस सीएम और पीएम के कार्यक्रम में जुटी है। दावा किया कि सात से नौ हजार के करीब समर्थकों ने ज्ञापन सौंपा है।
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सीआईडी का दावा, जारी किया था अलर्ट
सीआईडी के सूत्रों का कहना है कि सूचना पाकर अलर्ट जारी करवा दिया गया था। अब कम पुलिस बल तैनात किया गया, इसमें वे क्या कर सकते हैं। कहां कितनी फोर्स तैनात करनी है, यह पुलिस प्रशासन का कार्य है।