फ्लैग : जिप की सियासत में खींचतान जारी
हेडिंग : नाराज सात परिषद सदस्य पहुंचे हरिद्वार, बोले, ग्रांट चाहिए बातचीत नहीं
: कुंडू बोले, एमपी-एमएलए बनने नहीं आया, दबाव में नहीं करूंगा काम
: जिला परिषद में चेयरमैन सहित 14 सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जिला परिषद की सियासत में खींचतान जारी है। चेयरमैन बलराज कुंडू से नाराज सात परिषद सदस्य सोमवार को चेयरमैन बलराज कुंडू से बातचीत करने की बजाए हरिद्वार स्नान करने चले गए। बोले, बाचीत नहीं ग्रांट चाहिए। वहीं, कुंडू का साफ कहना है कि वे दबाव की राजनीति सहन नहीं करते। कोई एमपी-एमएलए बनने नहीं आए, केवल लोगों की सेवा करना एकमात्र उद्देश्य है।
जिला परिषद में 14 सदस्य हैं, जिनमें से सात सदस्यों में मनोज फरमाणा, जेपी भाली, लाजवंती, धमबीर बलंबा, लक्ष्मी मोखरा, राजेंद्र व सतीश भालौठ ने चार दिन पहले चेयरमैन बलराज कुंडू पर आरोप लगाया था कि कुंडू ने अपना नाम चमकाने के लिए ग्रांट सरपंचों को बांट दी, जबकि सदस्यों को कोई हक नहीं दिया। इस अन्याय को वे सहन नहीं करेंगे। जबकि कुुंडू ने कहा था कि वे बाहर गए हुए हैं। सोमवार को आकर सदस्यों से बातचीत करेंगे। नाराज पार्षदों ने बताया कि सोमवार को उनके पास बातचीत के लिए जिला विकास भवन में आने के लिए फोन आए, लेकिन उन्हाेंने साफ कहा कि वे बातचीत नहीं हक मांग रहे हैं। इसके बाद हरिद्वार रवाना हो गए।
दबाव बर्दाश्त नहीं, एमपी-एमएलए बनने नहीं, जनसेवा करने आया हूं
जिप चेयरमैन बलराज कुंडू ने सोमवार को मीडिया के सामने कहा कि अब तक जो काम किया दिल से किया है। कोई ब्लैकमेल नहीं कर सकता। पब्लिक का आदमी हूं। जनता के बीच रहता हूं। एमपी या एमएलए बनने नहीं आया। पांच साल पहले पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद बनाने का न्योता मिला था, लेकिन मना कर दिया। यहां तक, जिला परिषद को कोई नहीं जानता था। लोग चेयरमैन के कार्यालय में हुक्का पीने आते थे। साढ़े चार लाख रुपये जेब से जिला परिषद कार्यालय में खर्च कर चुका हूं। अब तक वेतन लिया न भत्ते। जो जिला परिषद सदस्य पैसे के लिए जमीर बेचता है, उसके साथ काम नहीं करना। दबाव में आकर न काम किया और न करूंगा। इस मौके पर कुंडू के साथ जिला परिषद सदस्य संदीप सुंडा, संजय टिटौली, राजीत अजायब, दिनेश करौंथा के अलावा अठगामा प्रधान कर्मबीर, फरमाणा सरपंच सुखबीर, मोखरा सरपंच प्रमोद व हवासिंह भी मौजूद रहे।
बाक्स
बातचीत नहीं, हक चाहिए। अपने हक के लिए हर कदम उठाएंगे, जो उचित होगा। अविश्वास प्रस्ताव भी लाया जा सकता है।
-जेपी भाली, जिला परिषद सदस्य
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सोमवार को बातचीत के लिए फोन आए, लेकिन अब बातचीत नहीं हक व सम्मान चाहिए। चेयरमैन ने चहेते सरंपचों को जिला परिषद की ग्रांट बांट दी, लेकिन परिषद सदस्यों को पूछा तक नहीं। वे सात सदस्य एक साथ हैं। दो-तीन सदस्य और संपर्क में हैं।
मनोज फरमाणा, जिला परिषद सदस्य
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हरिद्वार स्नान करने आए हैं। अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। जल्द वापस रोहतक आकर निर्णायक कदम उठाएंगे।
-सतीश भालौठ, जिला परिषद सदस्य
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मेरे लिए यह कोई मुद्दा नहीं हैं। इस पर शुक्रवार को बात करेंगे।
-बलराज कुंडू, चेयरमैन जिला परिषद