फर्जी दस्तावेज जमा करके 29 लाख रुपये का लोन लेने वाली महिला गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पुलिस ने फर्जी दस्तावेज जमा करके 29 लाख रुपये का मकान लोन लेने के मामले में एक महिला को बहालगढ़ से गिरफ्तार किया है। महिला को पूछताछ के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एलआईसी के एरिया मैनेजर प्रमोद ने 20 सितंबर 2017 को पुलिस को दी शिकायत थी। इसमें बताया था कि उनकी कंपनी होम लोन देने का काम करती है। कंपनी की एक ब्रांच रोहतक में है। यह कंपनी लोन देने का काम एजेंट का माध्यम से भी करते हैं। एजेंट उनके ग्राहक तलाश कर उसकी फाइल तैयार कर ऑफिस में जमा करवाता है। फाइल मिलने के बाद उस ग्राहक की वेरिफिकेशन करवा के फाइल चंडीगढ़ भेज देते हैं। चंडीगढ़ से उस फाइल का लोन चैक बन जाता है। शिकायतकर्ता का कहना था कि कंपनी में सुमित शर्मा काम करता था। उसने सोनीपत के रूपनगर की रीना देवी की एक लोन फाइल जमा करवाई थी। महिला को मकान खरीदने के लिए लोन चाहिए था। रीना देवी ने दस्तावेजों में खुद को सोनीपत केगांव आहुलाना के राजकीय उच्च विद्यालय में शिक्षक बताया था। इसकी वेरिफिकेशन सीए अंकित गर्ग ने की थी। वेरिफिकेशन होने के बाद लोन 29 लाख का लोन दिया गया था।
जब महिला ने लोन की किश्त जमा नहीं की तो कंपनी को शक हुआ। इसके बाद कंपनी ने दोबारा महिला के दस्तावेजों की जांच की। जांच पड़ताल में पता चला कि महिला ने फर्जी दस्तावेज लगाकर लोन लिया था। इतना ही नहीं महिला ने किसी अन्य व्यक्ति के घर के सामने खड़े होकर फोटो ली थी। पुलिस को महिला की काफी समय से तलाश थी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करके उससे अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की है। जांच में पता चला कि सोनीपत के कई लोग फर्जी तरीके से लोन पास करवा चुके हैं। मामले में जांच अधिकारी एएसआई रोशनलाल ने बताया कि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। यह महिला एक गिरोह के साथ काम करती थी।