स्टीरियो का वॉल्यूम बढ़ा रहा था ड्राइवर, साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में स्कूल बस पलटी, छात्रा और हेल्पर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
गांव गरनाला के पास शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे नारायणगढ़ रोड स्थित एनसीसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना के समय बस ड्राइवर स्टीरियो की वॉल्यूम बढ़ा रहा था, इस दौरान सामने आए साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में बस से नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई। हादसे में बस के नीचे दबने से आठवीं की छात्रा और हेल्पर की मौत हो गई, वहीं बस का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया जिन्हें पीजीआई रेफर किया गया है। घटना में 34 बच्चे घायल हुए जिसमें से 16 को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही।
जानकारी मुताबिक नारायणगढ़ रोड स्थित एनसीसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस बच्चों को स्कूल ले जा रही थी। बताया जा रहा है कि बस का ड्राइवर स्टीरियो का वॉल्यूम बढ़ा रहा था और इस दौरान एक साइकिल सवार सामने आ गया। साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और गांव गरनाला के पास बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे में आठवीं कक्षा की छात्रा गांव कलरहेड़ी निवासी कनिका बराड़ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 वर्षीय हेल्पर हाउसिंग बोर्ड निवासी रविंद्र कुमार ने भी दम तोड़ दिया। वहीं बस चालक बलविंद्र को गंभीर हालत के चलते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। हादसे में जान गंवाने वाली छात्रा कनिका को 18 फरवरी को जन्मदिन था।
घटना के बाद मृतक और घायल बच्चों के परिजनों का आरोप था कि हादसा ड्राइवर और स्कूल मैनेजमेंट की गलती से हुआ है। बस में क्षमता से ज्यादा बच्चे भरे हुए थे। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई थी, मगर स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया।
स्कूल प्रबंधन ने नकारे आरोप
हादसे से जहां परिजन नाराज हैं वहीं स्कूल प्रबंधन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इसमें किसी की लापरवाही नहीं है। हादसा साइकिल सवार को बचाने की कोशिश में हुआ। वीरेंद्र सिंह ने कहा इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकते, यह सब भगवान के हाथ में है।
बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज
एसपी अभिषेक जोरवाल ने बताया कि पुलिस ने मामले में मृतक हेल्पर के भाई हाउसिंग बोर्ड निवासी दीपक की शिकायत पर बस चालक बलविंद्र के खिलाफ धारा 304 ए और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और यदि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पाई गई तो उसपर भी कार्रवाई होगी।
सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में आए 34 विद्यार्थियों में से प्राथमिक जांच के बाद ही 16 विद्यार्थियों को घर भेज दिया गया था और शेष 18 विद्यार्थियों में से केवल चार विद्यार्थी ही अस्पताल में उपचाराधीन है।