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ऐसे न मुझे तुम देखो, जीएसटी भी लगा दूंगा, पैसे भी चुरा लूंगा तुमसे, टैक्स भी लगा दूंगा...

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ऐसे न मुझे तुम देखो, जीएसटी भी लगा दूंगा, पैसे भी चुरा लूंगा तुमसे, टैक्स भी लगा दूंगा...
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शैलेश तिवारी
रोहतक।
2018-19 पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की ओर से जारी किए गए आम बजट पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चा रही। किसी ने बजट को आश तो किसी ने जुमला बता कर बजट की चुटकी ली। सुबह 11 बजे जब वित्तमंत्री अरुण जेटली संसद में बजट पेश करने लगे वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी राय देनी शुरू कर दी। दोपहर एक बजे तक सोशल मीडिया पर बजट को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रिया आती रहीं। एक तरह संसद में बजट पेश होता रहा वहीं दूसरी तरफ गुजरात चुनाव भी सोशल मीडिया पर खास चर्चा रहा। व्हाट्सएप पर आए मैसेज में बजट को गाने के रूप में प्रस्तुत किया गया। बजट पर बनाए गए ऐसे न मुझे तुम देखों, जीएसटी लगा दूंगा, पैसे भी चुरा लूंगा तुमसे, टैक्स भी लगा दूंगा... सुपर हिट गाने से बजट पर कमेंट किया गया। इस गाने का गीतकार केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली, संगीतकार पीएम नरेंद्र मोदी को बताया गया।
वीरवार सुबह पेश किए गए बजट पर लोगों ने अपनी राय में कई तरह की प्रतिक्रिया दी। बजट पेश होने से पहले एक यूजर ने लिखा कि ‘आज बजट भी है और मैच भी, देखो कौन दुखी करता है।’ बजट के दौरान एक फेसबुक यूजर ने लिखा कि ‘जो लोग पूछ रहे हैं बजट में आम आदमी को क्या मिला। उन्हें बता दूं कि सरकार ने बांस का उत्पादन बढ़ाने के लिए 1200 करोड़ रुपये दिए हैं। दोपहर एक बजे के बाद जब बजट खत्म हुआ तो यूजर में लिखा कि ‘बजट में दावा किया गया कि हर एक गरीब को घर दिया जाएगा, ये नहीं हो सका परंतु हर एक घर को एक गरीब जरूर देंगे।
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डिजिटल इंडिया को भी सोशल मीडिया पर बनाया निशाना
बजट पेश होने के दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान पर भी लोगों ने निशाना साधा। सोशल मीडिया पर आए कमेंट के अनुसार यूजर ने लिखा कि मोदी जी डिजिटल इंडिया की बात करते हैं और बजट में डिजिटल की चीजों को ही महंगा कर दिया। ऐसे बजट से तो डिजिटल इंडिया तो होगा नहीं।
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फेसबुक के एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि ‘कसम खा के बैठे है मोदी जी, कि मिडिल क्लास से पकोड़े बिकवा कर ही दम लेना है। वहीं एक अन्य यूजर के अनुसार पेट्रोल-डीजल पर कमेंट करते हुए लिखा कि ‘गाड़ी में लीटर की बजाए चम्मच की बजाए के हिसाब से तेल न भरवा दिया तो गोभी तेरा नाम नहीं।’ लोगों में कुछ तरह से 2018-19 का बजट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा। बता दें कि ये सारे कमेंट सोशल मीडिया के अनुसार है। इसका अमर उजाला से कोई संबंध नहीं है।
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