ड्रेन टूटने से डेढ़ सौ एकड़ फसल में पानी भरा
तोशाम।
ड्रेन ओवरफ्लो होने से गांव ढाणी रिवासा में करीब 150 एकड़ में उगी फसल जलमग्न हो गई है। किसानों ने पानी भरने से खराब फसल के उचित मुआवजे की मांग की है।
जानकारी के अनुसार निंगाना नहर से ढ़ाणी रिवासा की तरफ निकलने वाली ड्रेन शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे ओवरफ्लो होने के कारण 40 फीट तक टूट गई है। इससे करीब 150 में फसल जलमग्न हो गई है। किसानों का आरोप है कि ड्रेन टूटने की सूचना के बाद भी संबंधित विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ड्रेन टूटने के कारण किसानों की फसल में काफी नुकसान हुआ है।
ढाणी रिवासा निवासी अभयसिंह, राजबीर, मुकेश, लीला, सतबीर, जगदीश आदि किसानों का कहना है कि निंगाना फीडर नहर से यह ड्रेन निकलती है। ड्रेन में निंगाना फीडर नहर ओवरफ्लो होने पर पानी छोड़ा जाता है। ड्रेन कच्ची होने के कारण बार-बार लीकेज होती रहती है। किसानों का कहना है कि करीबन एक वर्ष पहले से ड्रेन यहीं से टूटी थी। उस समय भी किसानों को काफी नुकसान हुआ था।
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जेसीबी लेकर आए, बिना काम किए लौट गए
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि ड्रेन टूटते ही अधिकारियों को सूचित कर दिया था लेकिन अधिकारी और कर्मचारी जेसीबी लेकर देरी से पहुंचे और ड्रेन को बिना पाटे ही वापस चले गए। समाचार लिखे जाने तक ड्रेन टूटी हुई थी। किसानों ने खराब फसल के उचित मुआवजे की मांग की है।
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ग्रामीणों ने तीन महीने पहले की थी ड्रेन सफाई की मांग
किसानों का कहना आरोप है कि करीब तीन माह पहले ड्रेन की सफाई कराने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिले थे और ड्रेन को साफ करवाने की मांग की थी। किसानों का आरोप है कि उस समय अधिकारियों ने मांग को अनदेखी कर दी। इसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि अधिकारी अगर गहरी नींद से उठ जाते तो आज ड्रेन नहीं टूटती और किसानों की फसल बच जाती।
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वर्शन ....
सुंदर ब्रांच नहर टूटने के कारण पानी जूई व निंगाना फीडर में छोड़ना पड़ा। निंगाना फीडर ओवरफ्लो होने के बाद पानी ड्रेन में निकालना पड़ रहा था। लेकिन पानी ज्यादा होने के कारण ड्रेन टूट गई। अब स्थिति पर काबू पा लिया गया है।
अमृत सिंह आर्य
कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग