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Rohtak News: शहर में 1390 टन कचरा फैला, 38 पॉइंट से 102 टन कचरे का उठान

Fri, 28 Aug 2026 10:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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41-रोहतक के पुराना आईटीआई परिसर में दूर तक फैला कचरा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। ऐसा गंदा नहीं था हमारा शहर...रक्षाबंधन पर दिल्ली से रोहतक पहुंचीं केवलगंज निवासी गीतिका आहुजा व शिवम एन्क्लेव निवासी लोचन बजाज ने शहर में जगह-जगह फैले कचरे को देखकर डीएलएफ कॉलोनी निवासी संजय पुनियानी को ये प्रतिक्रिया दी। संजय पुनियानी की भांजी गीतिका और लोचन बजाज रक्षाबंधन पर अपने शहर रोहतक आई थीं।
नगर निगम के 640 सफाई कर्मचारियों की लगातार 23वें दिन हड़ताल होने से शहर में चारों तरफ 1390 टन कचरा फैला हुआ है। नगर निगम की बनाई विशेष टीमें रोजाना आधे कचरे का भी उठान नहीं कर पा रही हैं जिससे गंदगी बढ़ रही है। निगम की विशेष टीमों ने रात में 38 पॉइंट से 102 टन कचरे का उठान एजेंसी के मार्फत कराया।
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शहर से रोजाना करीब 200 टन से अधिक कचरा निकलता है। ऐसे में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर भी शहर में गंदगी के ढेर लगे रहे। हड़ताल पर बैठे नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की रोहतक इकाई ने नगर निगम कार्यालय परिसर में धरने के दौरान जमकर नारेबाजी की। अध्यक्षता इकाई प्रधान शंभू टांक ने की व संचालन अशोक थोरिया ने किया।
इस दौरान प्रदेश सचिव राकेश चावरिया भी मौजूद रहे। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रधान शंभू ने कहा कि सरकार हर नौकरी पर पक्की भर्ती कर रही है लेकिन सफाई कर्मचारियों के नाम पर मूकबधिर बनी हुई है जबकि केंद्र और हरियाणा में अब भाजपाकी सरकार बहुमत की सरकार है।
संविधान ने सरकार को अधिकार भी दिए हैं कि वो जन समस्याओं को निपटाने, जनमानस की सुविधाओं व अपने देश के कर्मचारियों, व्यापारियों, किसानों, गरीब व मजदूर को भी अच्छी सहूलियत प्रदान करे।
हर गली, हर चौक पर फैला कचरा
शहर के हालात इतने बदहाल हो गए हैं कि हर चौराहे और हर गली में कचरा फैला हुआ है। झाड़ू नहीं लगने के कारण कूड़ा लगातार हवा के साथ उड़ता रहता है। फुटपाथ पर चलना दुश्वार हो गया है। कूड़े के ढेर से दुर्गंध उठ रही है।
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सफाईकर्मियों की स्थायी भर्ती क्यों नहीं...
सरकार सबके लिए कर रही है लेकिन सफाईकर्मियों की स्थायी भर्ती व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की दशकों पुरानी मांग पूरी नहीं कर रही। अगर सफाई के लिए अधिकारियों की पक्की भर्ती हो सकती है तो सफाई कर्मचारियों की क्यों नहीं की जा रही।

41-रोहतक के पुराना आईटीआई परिसर में दूर तक फैला कचरा। संवाद

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