रोहतक। मेयर के साप्ताहिक जनता दरबार में वीरवार को जमकर हंगामा हुआ। भाजपा की महिला पार्षद कंचन खुराना के पति एवं पूर्व पार्षद अशोक खुराना ने कहा कि निगम में फर्जी तरीके से 139 प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई हैं, लेकिन डेढ़ माह से अधिकारी फाइल दबाकर बैठे हैं। मेयर ने जवाब ज्वाइंट कमिश्नर से जवाब मांगा तो उन्होंने मामला उनके आने से पहले का बताकर कुछ कहने में असमर्थता जाहिर की।
करीब 11 बजे नगर निगम के मेयर कार्यालय में जनता दरबार शुरू हुआ। जनता दरबार में 30 के करीब शिकायतें आईं, जिनमें ज्यादातर प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी थीं। मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर, राजकमल सहगल, पार्षद पति एवं पूर्व पार्षद अशोक खुराना, पार्षद सुनील उर्फ सोनू, सुरेश किराड़, कृष्ण कुमार व पप्पन गुलिया की मौजूदगी में लोगों ने शिकायत रखनी शुरू की।
सुनारिया गांव से आए कलीराम ने कहा कि गांव में चार साल पहले चौपाल तोड़ी गई थी। नगर निगम मलबा भी ले गया, अब तक दोबारा चौपाल नहीं बनी। ग्रामीण कहते हैं कि मलबा भी बेचकर खा गए। वे क्या जवाब दें। मेयर ने पैसा न होने की बात कही। वहीं, सुनारिया गांव निवासी राजबीर बुधवार ने कहा कि गांव में भगत बालचंद चौक से लेकर गांव के बाईपास पर खेतों में सड़क के दोनों तरफ घर बना रखे हैं। यह क्षेत्र लाल डोरे के अंतर्गत आता है। मांग उठाई कि गांव के चारों तरफ पांच-पांच एकड़ चौड़ाई का लाल डोरा बढ़ाया जाए। वहीं, निगम पार्षद कदम सिंह अहलावत भी शिकायतों का पुलिंदा लेकर मेयर के दरबार में पहुंचे और मेयर से कहा कि परिवार पहचान पत्र ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। ऐसी योजना को बंद किया जाए। इसके अलावा दर्जनों लोगों ने प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर अपनी शिकायत मेयर व अधिकारियों के सामने रखी।
ऑनलाइन आवदेन रद्द कर दिया, ज्वाइंट कमिश्नर ने लैपटॉप मंगवाकर की जांच
सेक्टर 25 निवासी सुदेश ने मेयर को बताया कि उसने प्लाट की प्रॉपर्टी आईडी में मोबाइल नंबर व एरिया बदलने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। ऑनलाइन यह कहकर आवेदन रद्द कर दिया कि आवेदन पढ़ा नहीं जा रहा है। ज्वाइंट कमिश्नर विजय सिंह ने कर्मचारी को लैपटॉप सहित तलब किया। खुद जांच की तो 10 पेज में से पहला पेज साफ नहीं दिखा। इसके बाद कर्मचारी को क्लीनचिट देते हुए शिकायतकर्ता को दोबारा आवेदन करने की सलाह दी।
महिला पार्षद के ससुर की धमकी, पार्क से कब्जा नहीं हटा तो इस्तीफा दे देंगे
वहीं, वार्ड नंबर 18 की महिला पार्षद दीपिका नारा के ससुर देवेंद्र नारा अचानक जनता दरबार में पहुंचे। मेयर को बताया कि जनता कालोनी स्थित पार्क में बने कमरे में एक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा था। निगम ने सामान हटवा दिया था, अब दोबारा कब्जा कर लिया है। साथ ही निगम ने सामान भी वापस दे दिया। अगर स्थाई तौर पर पार्क से कब्जा नहीं हटा तो महिला पार्षद दीपिका नारा इस्तीफा दे देगी। जल्द हाउस की बैठक बुलाई जाए। ज्वाइंट कमिश्नर ने एलओ संदीप बतरा को बुलाकर जवाब मांगा। बत्रा ने कहा कि सामान तो वापस दे दिया था, लेकिन दोबारा सामान क्यों रखा, इसका पता नहीं है।
टीपी स्कीम के तहत बसी कालोनियों की प्रॉपर्टी आईडी बनेंगी, निगम ने फैसला लिया वापस
पूर्व पार्षद अशोक ने मेयर को बताया कि शहर में टीपी स्कीम के तहत 16 काॅलोनियां बसी हैं। निगम की तरफ से प्रॉपर्टी आईडी उस समय की मांग जा रही है, जबकि कालोनी 40 साल पहले बसी थी। यह लोगों के लिए संभव नहीं है। दरबार में एटीपी जितेंद्र ने बताया कि इस तरह की कोई शर्त नहीं रही है। सरकार की हिदायत के तहत नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाई जा सकती है।
ये कैसा जनता दरबार, शिकायत तो हल नहीं हो रही
आखिर में वार्ड नंबर 8 के पार्षद सुनील उर्फ सोनू ने मेयर मनमोहन गोयल से कहा कि अब छह जनता दरबार लग चुके हैं। अधिकारियों से पूछा जाए कि कितने लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। जवाब में मेयर बोले, पहले दरबार में पांच-छह समस्याओं का साथ-साथ समाधान हुआ था। बाकी की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने अभी दी नहीं है।
डेढ़ माह पहले निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा व मेयर मनमोहन गोयल के सामने एक शिकायत आई थी। आरोप था कि 139 प्रॉपर्टी आईडी फर्जी बनाई गई हैं। एक आईडी के लिए 40 से 50 हजार रुपये लिए। उस समय शिकायत को जांच के नाम पर दबाया हुआ है। मेयर और निगम प्रशासन जवाब दे।
अशोक खुराना, पार्षद पति, वार्ड नंबर 13
मेरे सामने चार-पांच फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने की शिकायत आई थी। इस मामले की जांच का क्या रहा, मुझे पता नहीं है। निगम आयुक्त ही बता सकते हैं, जो ट्रेनिंग के चलते छुट्टी पर हैं।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
मामला मेरे आने से पहले का है। ऐसे में टैक्स ब्रांच से बात करके ही कुछ बता सकूंगा।
विजय सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम