रोहतक। लोकसभा चुनाव में अखाड़े के पहलवानों और बाउंसरों का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए पुलिस ने कमर कस ली। डीजीपी के निर्देश पर प्रदेश भर के 500 से अधिक अखाड़ों और नर्सरी संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि यदि पहलवान या फिर बाउंसर चुनाव में किसी का प्रचार करते नजर आए या फिर किसी को डराने धमकाने की कोशिश की तो इसके लिए अखाड़ा संचालक को भी जिम्मेदार माना जाएगा। उधर हाल ही में जेल से बाहर आए बदमाशों समेत 200 लोगों पर पुलिस नजर रख रही है।
प्रदेश के डीजीपी मनोज यादव ने चुनाव के संबंध में रोहतक के अलावा पानीपत, सोनीपत, कैथल, फतेहाबाद, भिवानी, झज्जर , कुरुक्षेत्र समेत सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराना है। हाल ही में जेल से छूटे प्रदेशभर के 200 लोगों पर नजर रखने की जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ गांव के सरपंच और गणमान्य लोगों को सौंपी गई है।
पूर्व में झगड़ालू प्रवृति के तीन हजार लोगों पर नजर
पूर्व में हुए चुनाव के दौरान झगड़ा करने वाले प्रदेश के करीब तीन हजार लोगों पर पुलिस की नजर रहेगी। उक्त लोग यदि चुनाव वाले दिन बूथ के आसपास दिखाई दिए तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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एक दिन के दिए जाते हैं चार से पांच हजार
सूत्रों के अनुसार चुनाव में वोटरों को अपने पक्ष में कराने के लिए कई बार पहलवानों को को दिन के चार से पांच हजार रुपये तक दिए जाते हैं। यही कारण है कि इस बार पुलिस पहलवानों पर भी नजर रख रही है। कई पहलवानों को थाने पर आने को भी कहा गया है।
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चुनाव को शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराना ही उद्देश्य है। लोगों के सहयोग से ही चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराया जा सकता है। पहलवानों के अलावा जेल से छूटे लोगों पर नजर रखने को कहा गया है।
-मनोज यादव, डीजीपी , हरियाणा
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परिजनों से भी मांगा जा रहा सहयोग
पुलिस बदमाशों और पहलवानों के परिजनों से भी सहयोग मांग रही है। किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर पुलिस को सूचना देने की अपील की जा रही है।