अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कानपुर में दो दिन पहले हुए हादसे में जान गंवाने वाली अस्थल बोहर गांव की तीनों महिलाओं के घर पर अब भी माहौल गमगीन है। वहीं, हादसे में घायल कार चालक ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर अपना दर्द साझा किया है। उसने लिखा है कि तीनों बुजुर्ग महिलाओं की जगह यदि मैं दुनिया से चला जाता और उनकी जान बच जाती तो गुरु महाराज की बड़ी कृपा होती। वीरवार को भी दिनभर पीड़ित परिवारों के यहां पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
घायल सुरेंद्र ने फेसबुक पर डाली पोस्ट में घटना से पूर्व की स्थिति का जिक्र किया है। उसने लिखा है कि तीनों महिलाएं कुंभ के दर्शन करने के बाद काफी खुश थीं और कार में सभी ग्रामीण गुरु महाराज का गुणगान करते चल रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। पड़ोसी होने के नाते उसने दर्द साझा करते हुए लिखा है कि तीनों महिलाओं की जगह मेरी जान चली जाती तो गुरु महाराज की बड़ी कृपा होती। ग्रामीण प्रवीण कुमार, सुनील, मनोज ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी लोगों की हालत अब खतरे से बाहर है।
यह हुआ था हादसा
पांच फरवरी की सुबह ही कुंभ के दर्शन करने के बाद क्रूजर कार बोहर गांव के ग्रामीण लौट रहे थे। जैसे ही कार बर्रा हाईवे पर पहुंची थी तो ट्रक की टक्कर से पलट गई थी। इसके कारण बोहर गांव की साहिब कौर (62), राम कौर (65) और भूरो (70) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अंगूरी, विद्या, सुदेश, दयावती, संतोष, सावित्री, मोहन और सुरेंद्र घायल हो गए थे। बाद में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद घायलों को कानपुर के अस्पताल में उपचार दिया गया था।