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नियमों को ताक पर रखकर तैयार हो रहा सहकारिता मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट

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नियमों को ताक पर रख कर तैयार हो रहा सहकारिता मंत्री का ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’
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निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के नीचे से गुजर रहे हैं तो हो जाएं सावधान!

फोटो सहित
संजय कुमार
रोहतक।
शहर और सहकारिता मंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘एलिवेटेड रोड’ के नीचे से या आसपास से गुजर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। आपको अपनी जान व माल की सुरक्षा स्वयं करनी है। यहां न तो निर्माण कार्य कर रही निजी कंपनी ने कोई संकेतक लगाए हैं और न ही यहां कोई बैरियर लगाया है। हैरानी तो इस बात की है कि पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने भी इस रोड से नीचे गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं कराया है। जबकि देश में एलिवेटेड रोड के ऊपर रखे गर्डर के गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।
आंबेडकर चौक से पुराने बस स्टैंड तक बनाई जा रही एलिवेटेड रोड सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर का ही नहीं शहर का भी सपना है। इसके तैयार होने के बाद शहरवासियों को मुख्य शहर के बीच से गुजरने में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। लेकिन मंगलवार को वाराणसी में गार्डर के गिरने से हुए हादसे ने सभी को हिला कर रख दिया है। इसके बावजूद बुधवार को शहर में बगैर सुरक्षा इंतजाम के एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य जारी था। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट की स्थिति यह है कि प्रोजेक्ट पर हो रही वेल्डिंग की चिंगारी और डाला जा रहा पानी नीचे गिरता है। निर्माण कार्य के चलते नीचे का एरिया इतना तंग है कि दो वाहन एक साथ निकल ही नहीं सकते। यही नहीं प्रोजेक्ट के नीचे लोगों ने पार्किंग बना दी है और घंटों यहां वाहन खडे़ रहते हैं। विभाग के अधिकारी स्वयं मानते हैं कि संकेतक नहीं लगाए गए हैं और जहां लगे हैं वहां जनता मानती नहीं। यह समस्या पूरे प्रोजेक्ट में चल रही है।
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यह है प्रोजेक्ट
आंबेडकर चौक से पुराना बस स्टैंड तक 1.8 किलोमीटर एलिवेटेड रोड के लिए 152 करोड़ का बजट खर्च कर कार्य चल रहा है। इसका निर्माण निजी कंपनी पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग की देखरेख में कर रही है। दावा किया जा रहा था कि यह मई में पूरा हो जाएगा, जबकि इस प्रोजेक्ट का समय अगस्त रखा गया है। एक्सपर्ट की मानें तो जिस गति से अब कार्य चल रहा है, उससे यह लेट होता जा रहा है। यह प्रोजेक्ट नीचे गुजरने वाले राहगीरों के लिए असुरक्षित होने के अलावा इसके आसपास सफाई का अभाव है। इसके साथ ही इस के ऊपर साउंड बैरियर नहीं होने से सारा शोर नीचे आता है और लोगों को परेशान करता है। इसके साथ ही इससे जुड़ी पार्किंग के डिजाइन भी लेट हो रहे हैं, जोकि आगे प्रोजेक्ट को लेट करेंगे। इस प्रोजेक्ट में स्टेयर, लिफ्ट आदि के कार्य के अलावा बस स्टैंड से अप्रोच रोड को जोड़ने का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है।
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बोले अधिकारी
प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 15 अगस्त तक का समय है। यह उससे पहले पूरा कर दिया जाएगा। नियमानुसार जहां काम होता है, उसे एरिया को कवर कर दिया जाता है। इसके नीचे पार्किंग नहीं होनी चाहिए, यह गलत है। इसे हटवाना पुलिस प्रशासन का काम है। प्रोजेक्ट का जहां काम हो चुका है वहां कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा जो घटनाएं हुई हैं वह हादसा हैं, क्योंकि कार्य के दौरान गार्डर स्लिप हो जाते हैं, इसलिए कार्य के दौरान एहतियात रखी जाती है।
- बलराज सिंह, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
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