फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, लगाए 20 नाके

विज्ञापन
विज्ञापन
- नहीं हुआ पानीपत रोड बंद, जाम के बीच भी जसिया से निकलते रहे वाहन
विज्ञापन

- नहीं चलीं जींद जाने वाली रोडवेज बसें, प्राइवेट वाहनों ने लोगों की परेशानी को कराया कैश

अजीम अंसारी
रोहतक।
जसिया और जींद रैली को लेकर रविवार को शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। शहर के अंदर आने वाले सभी नाकों पर पुलिस तैनात थी। शॉर्टकट और वैकल्पिक रास्तों पर भी बैरियर लगा रखे थे।
जसिया और जींद रैली को लेकर प्रशासन ने पूरे सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। रैली में आने वालों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए 20 नाके लगाए गए थे। शहर के बाहर से ही उनको रैली स्थल तक जाने के लिए रूट का डायवर्जन किया गया। रैली में आने वालों की सुरक्षा के लिए 1100 जवान सुनारिया और 400 पुलिस के जवान मधुबन से आए हुए थे। इसके साथ रोहतक जिले से 200 पुलिस कर्मी सुरक्षा में तैनात रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त यश गर्ग द्वारा 38 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे।
विज्ञापन


बाईपास से गुजारा जसिया रैली में जाने वालों को
जींद और जसिया रैली में जाने वालों के लिए शहर में प्रवेश पर रोक लगी थी। पुलिस को हिदायत दी गई थी कि जींद व जसिया रैली में आने-जाने वालों को बाईपास से ही गुजारें। साथ ही गोहाना तक रोहतक-पानीपत मार्ग आम वाहनों के लिए बंद किया गया था। हालांकि रैली स्थल के सामने से दिनभर छुट-पुट प्राइवेट वाहन गुजरते रहे।

यात्रियों की मजबूरी को कराया कैश
हरियाणा रोडवेज प्रशासन ने जसिया रैली को लेकर जींद रूट पर जाने वाली सरकारी बसों को रविवार के लिए बंद कर रखा था। इसके अलावा पानीपत रूट पर जाने वाली बसें रविवार को गोहाना की जगह वाया खरखौदा सीधा जीटी रोड होते हुए पानीपत और आगे गईं। जींद रूट पर 12 से 13 बसें जाती थीं, यह बंद रहीं। इस कारण यात्री परेशान रहे और इसका फायदा प्राइवेट वाहन चालकों ने उठाया। बदले रूट से जाने और दूरी बढ़ने के नाम पर दो गुना तक किराया वसूला गया।

बिना टोल दिए गुजरती रहीं रैली की गाड़ियां
रैली के लिए जाने वाले वाहनों से पानीपत-रोहतक टोल प्लाजा के कर्मचारी टोल लेने में असमर्थ दिखाई दिए। वाहन निकलते रहे, कर्मचारी देखते रहे। इस रूट से निकलने वाले इक्का-दुक्का प्राइवेट वाहनों से जरूर उन्होंने टोल वसूला।


70 से 100 करोड़ की लागत में बनेंगे भवन
- फरवरी माह से काम होगा शुरू
रोहतक। जसिया की जिस जमीन पर जाट समुदाय की ओर से शिक्षण संस्थान व अन्य भवन बनाने की शुरूआत की गई है। उसे बनने में दो से तीन साल का समय लगेगा। तैयार किए गए मॉडल के हिसाब से पूरा नजारा अलग होगा। इसके लिए काम की शुरूआत फरवरी माह से होगी। पूरा परिसर हरियाली युक्त होगा। इस पर 70 से 100 करोड़ की लागत आनेे की उम्मीद है।



शहर की सुरक्षा की ग्राउंड रिपोर्ट
राजीव गांधी चौक, शीला बाईपास, बोहर आउटर, लाढौत रोड, गोहाना बाईपास, जींद बाईपास, हिसार चौक व भिवानी चौक पर
विशेष नाका लगाया गया था। रोहतक से पानीपत मार्ग गोहाना तक बंद रखा गया था परंतु यहां वाहन चलते देखे गए। सुरक्षा के लिए सोनीपत जिले की सीमा पर रूखी गांव के पास विशेष टीम तैनात रही। जींद रोड पर टिटौली, सोनीपत रोड पर कंसाला, दिल्ली रोड पर सांपला, झज्जर रोड पर आउटर झज्जर बाईपास, भिवानी रोड पर कलानौर, हिसार रोड पर महम व जींद रोड पर लाखनमाजरा में विशेष सुरक्षा प्वाइंट बनाए गए। इस दौरान सुरक्षा के लिए रोहतक पुलिस के अलावा सोनीपत व झज्जर की पुलिस की टीम के चार हजार पुलिसकर्मी तैनात थे।


आंखों देखी

दिन गुजरा तो राहत मिली
जसिया रैली सकुशल संपन्न हुई तो अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मचारियों ने भी राहत की सांस ली। शाम ढलने के बाद जहां पुलिस कर्मी आराम के मूड में दिखे तो कुछ दिनभर की भूख प्यास मिटाने में लगे थे। कुछ पुलिसकर्मी रैली के दौरान बंटने वाली रामपाल की किताब जीने की राह पढ़ते नजर आये।

बना पिकनिक स्पॉट
रैली के दौरान जहां मंच पर भाषण चल रहा था, वहीं मंच से दूर खेतों में छोटे-छोटे समूहों में काफी लोग बैठे थे। पुरुषों के समूह में कोई हुक्का पी रहा था तो कहीं ताश की बाजी चल रही थी। महिलाओं और बच्चों के समूह में खाना-पीना चल रहा था।

लगीं अस्थाई रेहड़ियां
जब एक जगह इतनी संख्या में लोग जमा हो रहे हों तो रेहड़ियां भी लगेंगी ही। धरना स्थल के बाहर बर्गर, चाउमीन, जूस, चाय की रेहड़ियां लगी हुई थीं। वहीं आसपास के ढाबे भी फुल चल रहे थे।

200 लीटर दूध लेकर पहुंचे रैली में, पिलायी चाय
रोहतक के गांव पाकिस्मा से पांच ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर पहुंचे लोगों ने दिनभर लोगों को चाय बांटी। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर मौजूद गांव पाकस्मा के निवासी भीम सिंह ने बताया कि वे गांव से पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में 200 लीटर दूध लेकर आये थे। पूरे रैली स्थल में अलग-अलग जगह पर ट्रॉली लगाकर चाय बना रहे हैं और आने वाले भाई-बहनों को चाय पिलाकर उनकी सेवा कर रहे हैं।
विज्ञापन


तिरंगा लेकर रैली स्थल में घूमते रहे युवा
मंच पर भाषण के दौरान भी कई युवा गुट हाथों में तिरंगा लेकर मंच तक जाने वाले रास्तों पर चक्कर लगाते रहे। इस दौरान बीच-बीच में नारे भी लगे। इसके अलावा आयोजन समिति की ओर से व्यवस्था संभालने के लिए भी युवकों को नियुक्त किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें