टेक्निकल टीम ने खंगाला लोहारू नगर पालिका का रिकॉर्ड
लोहारू। राज्य सरकार के टेक्निकल सलाहकार की टीम ने बुधवार को लोहारू नगर पालिका द्वारा बीते पांच वर्ष के दौरान करवाए गए विकास कार्यों की फाइलों और बिलों को खंगाला। कुछ स्थानों का मौका मुआयना भी किया। टीम ने पालिका के दायरे में करवाए कुछ विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री के नमूने भी लिए। इस दौरान टीम के सदस्यों ने नगर में दो स्थानों पर करवाएग विकास कार्यों के स्टेटस के बारे शहर के लोगों से भी जानकारियां लीं।
बुधवार दोपहर को राज्य सरकार के टेक्निकल सलाहकार विशाल सेठ और लोक निर्माण विभाग के तीन कनिष्ठ अभियंता आरएन अहलावत, अजीत सिंह यादव, मोहम्मद आरिफ की टीम ने लोहारू नगर पालिका कार्यालय में पहुंच कर पालिका द्वारा नगर में कुछ स्थानों पर करवाए गए विकास कार्यो का ब्योरा मांगा। जांच टीम ने करीब चार घंटे तक विकास कार्यों की कुछ फाइलों और बिलों को खंगाला और करवाए गए कार्यों का मौके पर जाकर मुआयना किया। इस दौरान वहां रहने वाले लोगों से करवाए गए कार्य के बारे में पूछताछ की। जांच टीम ने सर्व प्रथम लोहारू के किराना तालाब के साथ लगती गोचर भूमि में नगरपालिका द्वारा करवाएं कार्य का निरीक्षण किया। नगर का फरटीया चौक जांच टीम के विशेष टारगेट पर रहा। यहां पर टीम ने दुकानदारों से कार्य के बारे में पूछा। साथ ही ठेकेदारों द्वारा करवाए गए इंटरलॉक सड़क निर्माण की भी गहनता से जांच की। यहां पर जांच टीम ने इंटरलॉक सड़क को तुड़वा कर निर्धारित मानदंडों की जांच की। सड़क निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री के नमूने लिए। यहां पर जांच टीम ने पालिका द्वारा रखवाए गए कचरा पात्रों की जांच की। इसके अलावा जांच टीम ने मुख्य बाजार से फरटीया चौक तक जाने वाली सड़क की पैमाइश कर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
पालिका कार्यालय में जांच टीम की खबर लगते ही पालिका के पूर्व पार्षद और कुछ ठेकेदारों में हलचल देखी गई।
राज्य सरकार के आदेश पर लोहारू पालिका द्वारा अलग- अलग समय में करवाए गए कुछ विकास कार्योें की गुणवत्ता के अलावा इस बात की जांच की गई है कि जिस कार्य पर रिकॉर्ड में पैसा खर्च दिखाया गया है, वह कार्य वाकई में हुआ भी है या नहीं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर ली गई है और रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
विशाल सेठ
राज्य सरकार के टेक्निकल सलाहकार