अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बी फार्मेसी की परीक्षा की कॉपी बदलकर पास कराने के मामले में आरोपियों ने 28 अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन अभ्यर्थियों से करीब साढ़े चार लाख रुपये भी लिए गए थे। पुलिस अब उन अभ्यर्थियों से पूछताछ करेगी जिनसे आरोपियों ने रुपये ले रखे हैं। रिमांड अवधि में आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी कर सबूत जुटाए हैं। मामले में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। अब पुलिस की रेडार पर पीजीआई के वे अधिकारी और कर्मचारी हैं, जिनकी मिलीभगत से कॉपियां आरोपियों तक पहुंचीं हैं।
मदीना के विकास के हिस्से में आए 1.95 लाख रुपये
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मदीना निवासी विकास उर्फ ढिल्लू के हिस्से में 1.95 लाख रुपये आए हैं। विकास ही अभ्यर्थियों से संपर्क साधता था और उससे पैसे लेता था। पुलिस विकास को सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। मुख्य आरोपी जसवंत और नीरज से भी अभ्यर्थियों से ऐंठे गए रुपयों के बारे में पूछताछ की जा रही है। दोनों आरोपी सात दिन के रिमांड पर हैं। दोनों से वसूले गए रुपयों की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है।
आरोपी बोले, पीजीआई की ही हैं कॉपियां
पीजीआई प्रशासन दावा कर रहा है कि आरोपियों के पास से बरामद कॉपियां संस्थान की नहीं हैं। वहीं, मुख्य आरोपी जसवंत का दावा है कि सारी कॉपियां पीजीआई की ही हैैं। हालांकि आरोपी ने अभी उस अधिकारी का नाम स्पष्ट नहीं किया है जिसके माध्यम से उसने कॉपियां चोरी कर नीरज तक पहुंचाईं। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पहले बताया खरावड़ के वकील ने दिलाईं कॉपियां, अब मुकरा
आरोपी जसवंत पहले पुलिस को बताया कि उसने खरावड़ के एक वकील से कॉपियां ली थीं। उसी ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके पीजीआई से कॉपियां निकलवाईं थी। लेकिन रविवार शाम होते-होते आरोपी के सुर बदल गए। आरोपी शाम को वकील से कॉपियां लेने की बात से मुकर गया। आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बयान बदल रहे हैं, ताकि बचाव हो सके।
यह है मामला
बता दें कि पुलिस की एंटी व्हीकल थेफ्ट एंड डिटेक्शन टीम ने सेक्टर-1 स्थित एक मकान में छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान आदर्श नगर निवासी नीरज, घसौला और हाल आदर्श नगर के जसवंत उर्फ जस्मू और मदीना के विकास उर्फ ढिल्लू के रूप में हुई है। आरोपियों से करीब 346 खाली और 31 हल की हुईं उत्तर पुस्तिकाओं को बरामद किया गया था। ये उत्तरपुस्तिकाएं पीजीआई से चोरी की गईं थी।
अब पीजीआई से तार जोड़ने के प्रयास
आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि पीजीआई में किस अधिकारी से मिलीभगत करके कॉपियों बदलने साजिश रची गई थी। 28 अभ्यर्थियों से पैसे लेने की बात सामने आई। आरोपियों से हर पहलू पर पूछताछ कर केस की जड़ तक जाने का प्रयास किया जा रहा है।
- मनोज कुमार, प्रभारी एंटी व्हीकल थेफ्ट एंड डिटेक्शन टीम।