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जांच शिविर में दिव्यांगों की हुई फजीहत

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जांच शिविर में दिव्यांगों की हुई फजीहत
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बहल। रेडक्रॉस सोसायटी एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से लगाए गए जांच शिविर में दिव्यांगों की जमकर फजीहत हुई। अधिकतर दिव्यांगों को यह कहकर वापस लौटा दिया कि जो अक्तूबर 2016 में जांच करवा चुके हैं, उनको मौका नहीं दिया जाएगा। जबकि, दिव्यांगों का कहना था कि अक्तूबर में जांच के बाद उनको न तो आज तक कोई उपकरण मिला है और न ही उनको इस बारे में पहले सूचना दी गई। इसके अलावा शिविर में मेडिकल जांच के लिए टीम करीब दो घंटे देरी से पहुंची।
शिविर में दस बजे का समय दिया गया था जबकि टीम 12 बजे के बाद पंचायत भवन पहुंची। इस दौरान पंचायत भवन में बिना किसी सुविधा के दिव्यांग परेशानी झेलते रहे। दिव्यांगों का कहना था कि अगर टीम को लेट आना था तो उन्हें भी देरी बुलाया जाता। कम से कम गर्मी एवं उमस के माहौल में उनको परेशान तो न होना पड़ता। टीम ने अधिकतर दिव्यांगों को जांच के लिए मशीनों की उपलब्धता नहीं होने का बहाना बनाकर भिवानी आने के लिए कहकर लौटा दिया। जांच के बाद भी टीम पूरे समय तक नहीं रुकी और निर्धारित समय शाम के चार बजे से पहले ही लौट गई। दिव्यांगों ने बताया कि जांच टीम का रवैया भी उनके प्रति सही नहीं था।
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दिव्यांगों का कहना है कि अक्तूबर में जांच तो हुई है पर कुछ मिला तो नहीं। दिव्यांग जांच शिविर में एन वक्त पर घोषणा की गई कि इस शिविर में वो दिव्यांग भाग न लें जिन्होंने अक्तूबर 2016 में आर्य समाज परिसर बहल में लगे शिविर में जांच करवाई थी। दिव्यांगों का कहना था कि इस तरह की सूचना पहले ही देना चाहिए था। रोज रोज चक्कर काटने से उनको आर्थिक नुकसान तो होता ही है साथ ही मानसिक परेशानी भी होती है। दिव्यांगों ने बताया कि सरकार महज हर वर्ष औपचारिकता ही पूरी करती है।
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शिविर में पहुंचे 175 दिव्यांग, 7 को मिला प्रमाण पत्र
रेडक्रॉस अध्यक्ष एवं उपायुक्त डॉ. अशंज सिंह के मार्गदर्शन में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम, कानपुर के सहयोग से लगे जांच शिविर में 175 दिव्यांगों ने भाग लिया। इनमें से 28 दिव्यांगों को कोनों की मशीन, 17 को कृत्रिम अंग तथा 7 को मेडिकल प्रमाण पत्र दिया गया। सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि दिव्यांगों को उपकरण एलिम्को कानपुर से प्राप्त होने के बाद दिए जाएंगे। जो भी दिव्यांग जिले भर में लगे छह शिविरों से वंचित रहा है वह 31 जुलाई को पंचायत भवन भिवानी में जाकर इसका लाभ ले सकता है। इस अवसर पर सरपंच गजानंद अग्रवाल, सहायक जयभगवान, विकास कुमार, डॉ. मनीष श्योराण, हड्डी रोग नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति, डॉ. विक्रम, राजेश मेचू, रोहताश जावला सहित एम्लिको कानपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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