हड़ताल से पीजीआई में अव्यवस्था, संक्रमण की जद में आ सकते हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआई में चल रही अनुबंधित कर्मचारियों की हड़ताल से पीजीआई की व्यवस्था डगमगाने लगी है। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को वार्डों, ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर में जगह-जगह गदंगी फैली रही। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। सुबह कुछ देर के लिए पक्के कर्मचारियों ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने से हालात जस के तस हो गए। कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए हरियाणा रोडवेज यूनियन के पदाधिकारी, एसिन कंपनी के कर्मचारी और संस्थान के नान टीचिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में दो दिन से चल रही हड़ताल के कारण संस्थान में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारियों से बात करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकाला जा रहा है। सभी ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे। कर्मचारियों ने विजय पार्क में पीजीआईएमएस प्रशासन को ठेका ले रही कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी मनमानी कर रही है और पुराने कर्मचारियों को हटा रही है। प्रशासन उनकी समस्या का समाधान करवाए, नहीं तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि सोमवार से अनुबंध में लगे 465 बीयरर, 550 सफाईकर्मचारी और 100 माली हड़ताल पर चल रहे हैं। वहीं शाम तक हड़ताल पर बैठे कर्मचारी दो गुटों में बंट गए। जहां एक गुट का कहना है कि हड़ताल खत्म हो गई जबकि दूसरा गुट अभी हड़ताल जारी रहने पर अड़ा है।
कोई सुनने को तैयार नहीं, हड़ताल रहेगी जारी
पीजीआई अनुबंधित कर्मचारी संगठन की प्रधान कलावती कांगड़ा ने बताया कि दो दिन से उनकी हड़ताल जारी है, कोई सुनने को तैयार नहीं है। हड़ताली कर्मचारियों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उनकी हड़ताल जारी है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को बातचीत के दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया कि सुपरवाइजरों को हटाने के अलावा, सैलरी, ईएसआई, पीएफ आदि सभी मांगों को मान लिया जाएगा। इसके साथ ही मामला हटाए गए 65 कर्मचारियों और 20 सफाई कर्मचारियों की बहाली के लिए लड़ाई जारी है। प्रशासन कह रहा है कि हटाए गए 65 कर्मचारियों को अभी नहीं लिया जा सकता, जब ट्रामा सेंटर की मंजूरी आएगी तो उन्हें रख लिया जाएगा। लेकिन जब तक इन कर्मचारियों को वापस नहीं रखा जाता, वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।
पक्के कर्मचारियों और निजी बैंक कर्मियों ने संभाला मोर्चा
हड़ताल के दौरान पक्के कर्मचारियों और एक निजी बैंक के कर्मचारियों ने ओपीडी में पर्ची बनाने और जांच रिपोर्ट देने का मोर्चा संभाला। स्थिति यह रही कि अन्य दिनों की अपेक्षा मरीजों का एक घंटा देरी से पंजीकरण हो सका।
कुछ कर्मचारी बोले हड़ताल समाप्त
दो गुट में बटे कर्मचारियों में से कुछ का कहना है कि उन्होंने हड़ताल समाप्त कर दी है। उनकी मांगों को मान लिया गया है। नवदीप और तरूण ने बताया कि बीयरर और सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। इस संबंध में फैसला हो गया है।
बोले कुलपति
कर्मचारियों को कंपनी निकालती और रखती है। कंपनी को नोटिस दिया गया है। कुछ लोग काम पर लौट भी आए हैं, कुछ असामाजिक तत्व हैं जो हंगामा करवा रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक को हड़ताली कर्मचारियों से बात करने को कहा गया है। मरीजों को कोई समस्या नहीं होने दी जा रही है।
- डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, हेल्थ विश्वविद्यालय