फुटवियर व फैशन डिजाइनिंग में भी युवा भविष्य संवार सकते हैं। इसमें विशेषज्ञ बेहतर संभावनाएं हैं। इसके लिए एफडीडीआई (फुटवियर डिजाइनिंग एवं डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट) ने नए सत्र में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके तहत संस्थान ने पोर्टल ओपन कर दिया है। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक भी कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।
एफडीडीआई फुटवियर व फैशन डिजाइनिंग क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। युवाओं को काम में दक्ष बनाने के लिए संस्थान की ओर से चार वर्षीय दो स्नातक कोर्स चलाए जा रहे हैं। संस्थान में फैशन डिजाइन व फुटवियर डिजाइन कोर्सों में 60-60 सीटें हैं। युवा डॉक्टर व इंजीनियरिंग से हटकर बेहतर भविष्य संवार सकते हैं। यहां स्पोर्ट्स शूज में नॉन लेदर पर काम किया जा रहा है। काम को आसान बनाने के लिए यहां बेहतर लैब स्थापित की गई है।
बाजार में फिलहाल ब्रांडेड उत्पाद हावी हैं। जूतों के कुछ नामी ब्रांड का बाजार में बोलबाला है। ऐसे में नॉन लेदर नए रूप में सामने आया है। बायो मैकेनिकल लैब में व्यक्ति के शरीर व पैर के अनुसार आरामदायक जूता तैयार किया जाता है। इससे जूता पहनने वाले को चलने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
संस्थान में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। किसी भी बोर्ड के 12वीं व पॉलिटेक्निक पास विद्यार्थी संस्थान के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि अप्रैल में रहेगी।
- सरिता दूहन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एफडीडीआई।