फोटो 19: सोनीपत में ऑनलाइन एमटीपी किट बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गए आरोपी के बारे में जानक
सोनीपत। ऑनलाइन तरीके से बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) किट बेचने के आरोपी को सीआईए सोनीपत की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान बिहार के भागलपुर के गांव कलगीगंज का रहने वाला रितेश उर्फ गोलू के रूप में हुई। आरोपी को भागलपुर के अलीगंज कॉलोनी से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर छह दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी को किट उपलब्ध कराने वाले का सुराग लगा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मां तारा मार्केट व यूनिक मार्केट के नाम से दो ऑनलाइन कंपनी बना रखी थी। जिससे आरोपी एमटीपी किट बेचता था। वह किट 250 रुपये में खरीदकर 450 से 600 रुपये तक बेचता था। आरोपी हरियाणा, तमिलनाडु, मुंबई, बंगलूरू, यूपी, दिल्ली, पंजाब में करीब 250 किट बेच चुका है।
डीसीपी नरेंद्र कादियान ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक ने 21 फरवरी को सेक्टर-27 थाना पुलिस को अवैध तरीके से एमटीपी किट ऑनलाइन बेचने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में सिविल सर्जन ने टीम का गठन किया था। इसमें पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप लठवाल व औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा को शामिल किया गया। औषधि नियंत्रक अधिकारी संदीप हुड्डा ने बिहार की कंपनी मां तारा मार्केट से एमटीपी किट मंगवाने के लिए 12 फरवरी को ऑनलाइन ऑर्डर किया था। किसी डॉक्टर की कोई पर्ची भी नहीं मांगी गई थी। ऑनलाइन ऑर्डर कंपनी मां तारा मार्केट से ई-कार्ट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम के पास भेज दिया गया था। जिस पर चिकित्सक ने रितेश उर्फ गोलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपी के खिलाफ दर्ज है पांच मुकदमे
आरोपी के खिलाफ इस तरह किट बेचने के पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसमें सोनीपत के साथ ही यमुनानगर के जगाधरी, कुरुक्षेत्र के थानेसर, जींद के सिविल लाइन व गुरुग्राम के सेक्टर-40 में मुकदमे दर्ज हैं।
फोटो 19: सोनीपत में ऑनलाइन एमटीपी किट बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गए आरोपी के बारे में जानक