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1293 फैक्टरियों को काम करने की मिली मंजूरी, 52 हजार श्रमिकों को मिला रोजगार

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लॉकडाउन 4 में सरकार व प्रशासन से मिली छूट के बाद फैक्टरियों में काम करने के साथ निर्माणाधीन साइट पर मजदूर नजर आने लगे हैं। जिला प्रशासन की ओर से 1293 औद्योगिक इकाइयों को शुरू करने की अनुमति दी गई है। जिले में करीब 52 हजार श्रमिकों को काम दिया गया। काम शुरू होने वाली फैक्टरियों को कम से कम एक शिफ्ट चल रही है।
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लॉकडाउन शुरू होने के बाद 35 हजार श्रमिकों ने रोहतक से रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से 11787 श्रमिक जा चुके हैं। पहले प्रशासन के पास इनको घर जाने का जितना दबाव था अब कम हो रहा है। एसडीएम रोहतक राके श कुमार कहते हैं कि अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे हालात को देखते हुए श्रमिक जाने से इनकार कर रहे हैं। शुक्रवार को गुरुग्राम से जाने वाली ट्रेन में 134 लोगों का आसाम के लिए आरक्षण था। लेकिन 75 मजदूर ही घर गए। बाकी लोगों का कहना था कि अब काम मिलने लगा है तो क्या करेंगे घर जाकर।
विशेष ट्रेन और बसों से 11787 श्रमिकों को घर भेजा
उपायुक्त आरएस वर्मा ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान रोहतक में फंसे श्रमिकों में से अब तक 11787 को विशेष ट्रेनों और बसों से घर भेजा गया है। जिला प्रशासन ने प्रवासियों के ठहरने, खाने व अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश पर प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर व केरल भिजवाया गया है। इनमें से 9195 बसों से अपने घर गए हैं, जबकि 2520 मजदूरों को श्रमिक ट्रेन से भेजा गया। इनमें से 8963 उत्तर प्रदेश, 1455 मध्य प्रदेश, 16-16 पंजाब व राजस्थान, 1112 बिहार, 134 उत्तराखंड, 18 जम्मू कश्मीर व एक केरल से था।
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जून के पहले सप्ताह के अंत तक मजदूरों के वापस आने की उम्मीद
जो मजदूर घर गए थे। लॉक डाउन में फंस गए वह वापस आना चाहते हैं। जून के पहले सप्ताह तक उनके आने की उम्मीद है। ऐसे में उनकी वापसी से व्यवस्था और सरल हो जाएगी। कुछ श्रमिकों के फोन भी आ रहे हैं। वह टिकट कराने का प्रयास भी कर रहे हैं।
- पंकज अरोड़ा, उपाध्यक्ष लघु उद्योग भारती रोहतक।
काम शुरू होने के बाद मजूदरों का बदल रहा मूड
औद्योगिक इकाइयां शुरू होने के बाद श्रमिकों को काम मिलने लगा है। काम शुरू होने के बाद उनके मूड बदल रहे हैं। जिन श्रमिकों ने घर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। उनका विचार बदल रहा है। यह इंडस्ट्री के लिए अच्छा है।
- अंगद कोचर, अध्यक्ष लघु उद्योग भारती, रोहतक।
श्रमिकों की सुरक्षा व सुविधा का रखा जा रहा है पूरा खयाल
जिले में जो भी उद्योग शुरू हुए हैं। उसमें काम करने वालों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की ओर से यह शर्त पूरी करने के बाद ही उन्हें काम करने की अनुमति दी गई है। 1293फैक्टरियों को काम करने की मंजूरी दी है। वहीं जिले में करीब 52 हजार श्रमिकों को रोजगार मिला है।
आरएस वर्मा, उपायुक्त।
मजदूरों की राय
मैं रोहतक में पांच साल से रहता हूं। काम शुरू हो गया। फैक्टरी एक शिफ्ट चलती है। यहां पर मुझे धीरे-धीरे हालात ठीक होने की उम्मीद है। मेरे साथ के तीन लोग टीकमगढ़ जा चुके हैं। उनका फोन आया था। गांव के स्कूल में ठहरे हैं। इसके बाद मैंने अभी न जाने का फैसला किया है।
मोहनलाल , देव कॉलोनी।
मेरे साथ काम करने वाले 5 लोग गंाव चले गए हैं। ट्रेन में उनको जाने का मौका भी मिल गया। मेरा रजिस्ट्रेशन होने में देर हो गई थी। मुझे बाद में जाने को बोला गया। उनसे होने वाली बातचीत के बाद हमने न जाने का फैसला किया है।
अछैबर, एकता कॉलोनी।
सब कुछ तो खुल गया है। ड्यूटी कम है। मजदूर साथी चले गए हैं। इससे काम और मिलने की उम्मीद है। सेठ जी ने कहा कि कोई परेशानी नहीं आने देंगे। यहां के संगठनों की ओर से भी खाना मिलता था।
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रमेश कुमार, हिसार बाईपास।
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