पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बुधवार को 125 रही और सभी का उपचार किया जा रहा है। संस्थान के डॉक्टरों ने एक दिन में 9 मरीजों के ऑपरेशन किए हैं। इसके बावजूद अभी पांच मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि जिले में 45 ब्लैक फंगस के मरीज उपचाराधीन हैं। ये मरीज पीजीआईएमएस व निजी अस्पतालों में उपचार पा रहे हैं। बुधवार को ब्लैक फंगस से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस में रोहतक के अलावा दिल्ली व आसपास के जिलों के मरीज उपचाराधीन हैं।
खरखौदा से लौट गए एसीएस नहीं आए हसनगढ़
स्वास्थ्य विभाग को सूचना थी कि एडिशन चीफ सेक्रेटरी राजीव अरोड़ा बुधवार को खरखौदा व हसनगढ़ क्षेत्र में कोरोना से बचाव की तैयारियों का जायजा लेने आएंगे। लेकिन अधिकारी खरखौदा में निरीक्षण कर वापस चले गए और रोहतक के हसनगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही और देर तक अधिकारी के आने का इंतजार करती रही।
आखिर खुल ही गई एकमो
पीजीआईएमएस ने आखिरकार लंबे समय से बंद पड़ी एकमो मशीन मरीजों के लिए खोल दी गई है। इसको शुरू करने के लिए लंबे समय से प्रशासन प्रयास कर रहा था। इस मशीन को कई विभाग के डॉक्टरों को चलाना होता है। गौरतलब है कि एकमो एक खास तरह की मशीन होती है, यह किसी आधुनिक वेंटिलेटर की क्षमता से अधिक शक्तिशाली होती है। यह किसी गंभीर मरीज के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होती। पूरे पीजीआईएमएस के पास दो एकमो मौजूद हैं।
पीजीआईएमएस में बुधवार को ब्लैक फंगस के 9 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है और पांच की हालत अभी गंभीर है। इसके अलावा संस्थान में 101 कोरोना के मरीज भर्ती हैं। इसमें 34 मरीज वेंटिलेटर पर और एक मरीज एकमो वेंटिलेटर पर है।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस