रोहतक। स्काईटेक मॉल में वीरवार सुबह 10:35 पर भूकंप आया, इमारत में लोग फंस गए। इसके बाद यहां एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम पहुंची और करीब दो घंटे तक चले बचाव कार्य में इमारत से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हैरान होने की जरूरत नहीं है, यह कोई सच का भूकंप नहीं था बल्कि प्राकृतिक आपदा के वक्त बचाव कार्य के लिए एक मॉक ड्रिल थी। इसमें एनडीआरएफ के साथ ही पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, जिला रेडक्रास सोसायटी व सेंट जॉन एम्बुलेंस सहित स्थानीय एजेंसियों ने भाग लिया।
मॉक ड्रिल में इमारत में फंसे कुल 30 लोगों को भूमिगत तल, भू-तल, प्रथम तल, द्वितीय तल व टॉप फ्लोर से स्ट्रेचर, रस्सियाें व सीढ़ियों के जरिए बाहर निकाला गया। पांच लोगों को प्राथमिक चिकित्सा दी गई और 25 लोगों को उपचार के लिए नजदीक के अस्पतालों में भर्ती करवाने का अभ्यास किया गया। विकटिम लोकेशन कैमरे का प्रयोग भी किया गया। एनडीआरएफ की टीम ने ईटाें की दीवार को काटकर भी अंदर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। भूकंप की सूचना मिलते ही सभी अधिकारी लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में स्थापित किए गए इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) में पहुंचे। यहां से अधिकारी पुलिस लाइन ग्राउंड में बनाए गए स्टेगिंग एरिया में पहुंचे गए। यहां पर स्टेगिंग कमांडर ने उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। इसके उपरांत सभी टीमें संसाधनों सहित स्काईटेक मॉल पहुंची और मॉकड्रिल की गई।
एनडीआरएफ के कमांडर पीके श्रीवास्तव ने कहा कि आपात स्थिति में बचाव कार्य सीखने के लिए मॉकड्रिल ही एक सशक्त माध्यम है। अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से हमें काफी कुछ सीखने को मिलता है। इस अवसर पर एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी पूनम बब्बर, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डॉ. केएल मलिक व जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा आदि मौजूद थे।