रोहतक। हिसार में सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के चलते निगम हाउस की सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चयन को लेकर होने वाली मीटिंग टल सकती। इन संभावनाओं के बावजूद निगम की सियासत गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे को मात देने की पूरी तैयारी कर ली है।
जातिगत समीकरणों को देखा जाए तो सीनियर डिप्टी मेयर की कुर्सी पंजाबी पार्षद कंचन खुराना या राजू सहगल को मिलना तय है। वहीं, डिप्टी मेयर की कुर्सी जाट या एससी समुदाय के पार्षद को मिल सकती है। इसमें मुकाबला पूनम किलोई व धर्मेंद्र गुलिया के बीच माना जा रहा है। दूसरी तरफ कांग्रेसी पार्षद भाजपा को चौंकाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए शनिवार को गुप्त स्थान पर मीटिंग हुई। देखा जाए तो नगर निगम में 22 वार्ड में से भाजपा के पार्षदों की संख्या 13 है, जबकि एक वोट मेयर मनमोहन गोयल की भी है। ऐसे में भाजपा बहुमत से तीन कदम आगे है। जबकि कांग्रेस समर्थक पार्षदों की संख्या 5 है, लेकिन तीन और पार्षद गैर भाजपाई दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सीनियर डिप्टी मेयर की कुर्सी राज कमल उर्फ राजू सहगल या भाजपा की महिला पार्षद कंचन खुराना को मिलना तय है। क्योंकि सहगल जहां सबसे ज्यादा वोट से जीतकर हाउस में पहुंचे हैं और मेयर की टिकट मांग रहे थे। टिकट न मिलने पर नाराज भी हो गए थे। मुख्यमंत्री का फोन आने पर पार्षद चुनाव लड़ने पर तैयार हुए थे। ऐसे में अब मंत्री उनको सीनियर डिप्टी मेयर की कुर्सी दिलवाना चाहेंगे। दूसरा, महिला पार्षद कंचन खुराना 2005 व 2018 में पार्षद बनीं, जबकि उनके पति अशोक खुराना 2013 में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वार्ड से जीते थे। दूसरा, दशकों से पार्टी से जुड़े हैं। उनके संगठन व आरएसएस से अच्छे संबंध हैं, जबकि सहगल इनेलो छोड़कर भाजपा में पिछले साल ही आए थे। ऐसे में कंचन खुराना का दावा भी सहगल से कम नहीं है।
पुराने रिश्तों व जातिगत समीकरण पर कांग्रेसियों को भरोसा
पांच साल पहले हाउस में कांग्रेस समर्थक पार्षदों की संख्या 13 थी, लेकिन आज स्थिति बदली हुई है। समर्थक पार्षद मात्र पांच हैं, जबकि 3 नजदीक दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद जीत के लिए छह पार्षदों का साथ चाहिए। रणनीति तैयार करने के लिए पूर्व विधायक बीबी बत्रा के मार्गदर्शन में पुराने व नए कांग्रेस पार्षदों की गुप्त स्थान पर मीटिंग हुई। मंथन किया गया कि भाजपा खेमे का कौन पार्षद किस तरीके से क्रास वोटिंग कर सकता है। किस पार्षद को आगे करें तो कौन पार्षद समर्थन में आ सकता है। पुराने रिश्तों को भी खंगाला जा रहा है।
मंत्री व जिला अध्यक्ष से मंत्रणा, समय पर तय करेंगे प्रत्याशी
मैं जल्द रोहतक आ रहा हूं। मंत्री पहुंच गए हैं। सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चयन को लेकर मंत्री के साथ-साथ पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय बंसल से भी बात हुई है। पार्टी की तरफ से प्रत्याशी तय किए जाएंगे। सोमवार को मीटिंग में ही दावेदारों का खुलासा होने की संभावना है।
- मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
चाहे भाजपा हाउस में बहुमत का दावा करे, लेकिन कांग्रेसी पार्षद इस बार भाजपा के नेताओं को चौंकाएंगे। इसकी पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है। सोमवार को मीटिंग में ही दोनों प्रत्याशियों का ऐलान किया जाएगा।
- गुलशन ईशपुनियानी, कांग्रेसी पार्षद वार्ड नंबर 15
एक पार्षद रखेगा प्रस्ताव, दूसरे करेगा अनुमोदन
नियमों के तहत हाउस के अंदर कोई भी पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ सकता है। इसके लिए किसी एक पार्षद को दावेदार का प्रस्ताव रखना होगा, जिसे किसी अन्य पार्षद द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। तब दावेदार की सहमति मिलने पर दावा माना जाएगा।
सांसद व विधायक नहीं डाल सकेंगे वोट
नगर निगम एक्ट के तहत मेयर मनमोहन गोयल सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव में अपना वोट डाल सकते हैं, लेकिन नगर पालिका व नगर परिषद की तरह निगम में सांसद या विधायक वोट नहीं डाल सकते।
एक से ज्यादा दावेदारी पर ही होगी वोटिंग
नियमों के तहत अगर सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का एक-एक ही दावेदार आया तो सर्वसम्मति से हाथ उठवाकर विजेता मान लिया जाएगा। दो या इससे अधिक दावेदार आते ही वोटिंग करवाई जाएगी। इसके लिए मतपेटियां तैयार कर ली गई हैं।
कहीं टल न जाए सीनियर व डिप्टी मेयर का चुनाव, शाह की मीटिंग का समय बदला
एक तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह साढ़े 11 बजे हिसार पहुंच कर रोहतक, हिसार व सिरसा लोकसभा के कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेंगे। जबकि आधा घंटे पहले 11 बजे का समय रोहतक में निगम के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव का समय है। सहकारिता मंत्री हिसार जाएंगे। मेयर का भी जाना तय है। भाजपा के कई पार्षद भी मीटिंग में जा सकते हैं। ऐेसे में कोरम पूरा न होने की बात पर निगम आयुक्त मीटिंग रद्द कर सकते हैं। भाजपा के एक पार्षद ने बताया कि पार्टी के अंदर भी अब तक निगम की मीटिंग को लेकर कोई हलचल नहीं है।