हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अध्यापक संघ करेगा आंदोलन
- हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) की राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में शिक्षकों ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी में भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगाया। यहां सर्वसम्मति से भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का फैसला लिया गया। इसी कड़ी में दो से 15 जुलाई तक खंडस्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 16 से 23 जुलाई तक जिला स्तरीय प्रदर्शन व 31 जुलाई को हिसार में कमिश्नरी के अध्यापकों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के राज्य महासचिव जगरोशन ने कहा किे तालमेल कमेटी का शिक्षा मंत्री के आवासीय क्षेत्र महेंद्रगढ़ में पिछले 196 दिनों से धरना चल रहा है। इसके विस्तार को आठ जुलाई को रोहतक के कर्मचारी भवन में शिक्षक, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और मिड डे मील वर्कर की सांझी कन्वेंशन की जाएगी। इस कन्वेंशन में महेंद्रगढ़ में चल रहे आंदोलन को विस्तारित किए जाने की घोषणा की जाएगी। राज्य प्रेस प्रवक्ता वजीर सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री अपनी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को लागू नहीं कर रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से कच्चे कर्मचारियों व शिक्षकों की सेवा पक्की करना, पंजाब के समान वेतनमान लागू करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, न्यूनतम वेतन 18000 रुपए देना शामिल है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियमित भर्ती के बजाय ठेकेदारी आउटसोर्सिंग नीति लागू की जा रही है। जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, एक भी अध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई।
टीजीटी इंग्लिश के 5876, विज्ञान के 1422 पद हैं रिक्त
संगठन सचिव धर्मेंद्र ढांडा ने कहा कि पिछले दो साल से बेरोजगार युवा एचटेट व स्क्रीनिंग टेस्ट पास करके नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं। प्रदेश में हजारों पद रिक्त पड़े हैं। इनमें टीजीटी इंग्लिश 5876, टीजीटी विज्ञान 1422, टीजीटी होम साइंस 166, टीजीटी संगीत 73, डीपीई के 1185, ड्राइंग 2175, पीटीआई 1820, संस्कृत अध्यापक 2393, पंजाबी अध्यापक 591 पद शामिल हैं। सरकार पदोन्नति भी नहीं कर रही है। पदोन्नति से भरे जाने वाले हजारों पद भी खाली पड़े हैं। इसमें प्राध्यापक 15333, हाईस्कूल मुख्याध्यापक 851, प्रधानाचार्य 366, मौलिक मुख्याध्यापक 2350 , मुख्य शिक्षक 3349, बीईओ 36, डीईओ 8, डीईईओ 12, उप निदेशक 6 पद शामिल हैं। सरकार सत्र 2018-19 को शून्य वर्ष रखकर डीएड में सरकारी संस्थाओं डाइट व बाइट में दाखिले नहीं कर रही है।
उप महासचिव प्रभु सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से एससी, बीसी व बीपीएल को मिलने वाला स्टाईफंड छात्रों के खाते में नहीं डाला जा रहा है। इसके अलावा नई पेंशन की जगह पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए। इस मौके पर कृष्णा कुमारी, सुशीला देवी, अलका, जगतार सिंह, सतबीर गोयत, चिरंजीलाल, हरिश्चंद्र वर्मा, सरोज रानी, कंवरजीत, धर्मपाल शर्मा, वेदपाल, राज सिंह चाहर, होशियार सिंह, बलवीर सिंह, राजपाल सिंह, महावीर पोपड़ा, जिला प्रधान मधु व विभिन्न जिलों के प्रधान और सचिव मौजूद रहे।