फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर माह में एक सप्ताह के लिए तय अस्पताल में ड्यूटी करना होगा अनिवार्य

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य संस्करण के लिए
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के एसीएस ने जारी किया डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए निर्देश
हर माह में एक सप्ताह के लिए तय अस्पताल में ड्यूटी करना होगा अनिवार्य

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को कुछ हद तक दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पत्र जारी करते हुए चार जिलों के डॉक्टरों को उनके करीबी अस्पतालों में एक सप्ताह अनिवार्य रूप से ड्यूटी करने के निर्देश जारी किए हैं। इनमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक व पंचकूला के जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अलावा अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को शामिल किया गया है। यह आदेश स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आआर जोवल ने छह जून को जारी किए हैं।
एसीएस जोवल की ओर से जारी निर्देशानुसार, स्वास्थ्य विभाग में तैनात विशेषज्ञ सहित सभी डॉक्टर, डेंटल सर्जन जो कि अपने जिलों में और उनकी सिविल डिस्पेंसरी में क्लीनिकल ड्यूटी कर रहे हैं वह हर माह एक सप्ताह के लिए रोटेशन के तहत तय स्थान पर ड्यूटी करेंगे। यदि किसी वजह से कोई गैप रह जाता है तो उसे अगले सप्ताह पूरा करना होगा। यदि कोई डॉक्टर डेपुटेशन पर भी होगा तो उसे अपनी ड्यूटी हर हाल में पूरी करनी होगी। इस संबंध में ड्यूटी रोस्टर सिविल सर्जन और डीजीएचएस के पास रहेगा। यदि कोई ऐसा करने से मना करेगा तो उसे विभाग की ओर से मिल रहे लाभ और प्रमोशन को रोक दिया जाएगा। जिस डॉक्टर को इस ड्यूटी के लिए भेजा जाएगा, उसे विभाग टीए उपलब्ध कराएगा। यदि कोई डॉक्टर ड्यूटी नहीं करता तो उसे अनुपस्थित माना जाएगा। ड्यूटी लगने के बाद अवकाश मंजूर करने की शक्ति सिर्फ डीजीएचएस की होगी। इस संबंध में 15 दिन के अंदर चारों जिलों से उनके अधिकारी अपने यहां के डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ का रोस्टर बना कर भेजेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला यहां लगेगी ड्यूटी
फरीदाबाद पलवल
गुरुग्राम मेवात
रोहतक चरखी दादरी
पंचकूला सीएचसी रायपुर रानी, कालका व मोरनी
नोट : जहां डॉक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगेगी, वहां के सिविल सर्जन तय करेंगे कि डॉक्टर व स्टाफ की उन्हें कहां जरूरत है।

बोले प्रधान
डॉक्टर क्लास वन अधिकारी हैं न कि कोई लेबर। आज काम कम है तो उन्हें कहीं और लगा दो। विभाग को डॉक्टरों की भर्ती करनी चाहिए। क्योंकि जो नियम अब बनाया है वह गलत है, इससे जहां कुछ काम चल रहा है वह और प्रभावित होगा। यह विभाग में तैनात डॉक्टरों को सिर्फ परेशान करने के लिए किया जा रहा है। इसका एसोसिएशन विरोध करती है और आने वाले समय में इस संबंध में बैठक कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
- डॉ. जसबीर परमार, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें