मरीजों को पीजीआईएमएस में ही नहीं जिला अस्पताल में भी मिलेगा रक्त
मरीजों को रक्त रहेगा उपलब्ध, बैंक में 200 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जिले के मरीजों को आपात स्थिति में अब रक्त की यूनिट के लिए अकेले पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मॉडर्न ब्लड बैंक पर ही निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जिला अस्पताल में भी ब्लड बैंक शुरू हो गया है। यहां मरीज जरूरत पड़ने पर 24 घंटे रक्त ले सकता है।
ब्लड बैंक के डॉक्टर प्रदीप के अनुसार अस्पताल में 24 घंटे मरीजों को रक्त उपलब्ध रहेगा। बैंक में 200 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता है, स्टाक में रखा ब्लड 35 दिन चलता है। ओपीडी समय में कोई भी रक्तदाता स्वयं आकर रक्तदान कर सकता है। हमारा प्रयास रहेगा कि मरीजों के परिजनों से रक्त की यूनिट बदले में न ली जाए। किसी भी सरकारी अस्पताल से यदि ब्लड की डिमांड आती है तो वह नि:शुल्क उपलब्ध कराएंगे। यदि निजी अस्पताल से ब्लड की डिमांड आती है तो सरकारी नियमानुसार जरूरतमंद को 1050 रुपये प्रति यूनिट जमा कराने होंगे। डॉ. प्रदीप ने बताया कि ब्लड बैंक में दो मेडिकल ऑफिसर, एक स्टाफ नर्स और लैब तकनीशियन की व्यवस्था है। उनकी टीम जरूरत के हिसाब से शिविरों में भी रक्त एकत्रित करने के लिए जाएगी। जिले में पीजीआईएमएस के अलावा निजी ब्लड बैंक हैं, यहां मरीजों को महंगी कीमत में ब्लड यूनिट लेनी पड़ती है। कई बार पीजीआईएमएस में यूनिट कम होने के बाद मरीजों को निजी ब्लड बैंक पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके अलावा ब्लड बैंक की एक स्टोरेज क्षमता भी थी, अब जिला अस्पताल में ब्लड बैंक खुलने से 200 यूनिट रक्त अतिरिक्त रखने की क्षमता भी बढ़ जाएगी।
फोटो सहित एसएनजे दो ...रोहतक जिला अस्पताल में पहले रक्तदाता सम्मान पत्र लेते हुए।