संशोधित खबर........
भाजपा व कांग्रेसियों में मनमाफिक वार्डबंदी की होड़
- मेयर ने की आयुक्त से एक घंटा मुलाकात, भाजपाई मंत्री के भरोसे
: एडहॉक कमेटी के सदस्य सीमाएं तय करके लाएं 22 वार्ड की
: बताएं, कहां संभावित नए दो वार्ड, 453 ब्लॉक में से किसे कहां मिलाया जाए
- खुद के वार्ड में क्या परिवर्तन संभव, निगम प्रशासन ने दिए वार्डों के नक्शे
- छानबीन में जुटे सदस्य, साथी पार्षदों की ले रहे राय
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
नगर निगम की नई वार्डबंदी को मनमाफिक कराने के लिए भाजपा व कांग्रेसियों के बीच अंदरखाने होड़ लगी है। मंगलवार को मेयर रेनू डाबला ने एक घंटा निगम आयुक्त प्रदीप कुमार से चर्चा की, जबकि भाजपाई पार्षद सहकारिता मंत्री के भरोसे हैं। एक तरफ भाजपा जहां पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उसी के घर में मात देकर पूरे प्रदेश में राजनीतिक संदेश देना चाहती है, दूसरी तरफ कांग्रेस भी रोहतक की चौधर दोबारा से हाथ में लेना चाहती है। यहीं कारण है कि ऊपर से चाहे सबकुछ सामान्य लग रहा है, लेकिन अंदरखाने मनमाफिक वार्डबंदी के लिए जुगाड़ चल रहे हैं।
नगर निगम के मौजूदा पार्षदों का कार्यकाल जून माह में पूरा हो रहा है। समय पर चुनाव कराने के लिए निगम नए सिरे से वार्डबंदी कर रहा है, क्योंकि जनसंख्या बढ़ने के कारण निगम के वार्डों की संख्या 20 से 22 हो गई है। एक सामान्य और एक एससी वार्ड और बनेगा। इसके लिए गठित एडहॉक कमेटी की 13 फरवरी को मीटिंग होगी। एडहॉक कमेटी सदस्यों को हिदायत दी गई है कि वे मीटिंग में अपनी तरफ से संभावित 22 पार्षदों की सीमाएं तय करके लाए, ताकि एकमत से नए वार्डबंदी का प्रारूप तैयार हो सके। इसके लिए निगम प्रशासन ने कमेटी में शामिल मेयर रेनू डाबला, सीनियर डिप्टी मेयर मंजू हुड्डा, पार्षद पूनम किलोई, अजय जैन उर्फ टाटू, जयकिशन शर्मा व अशोक सिक्का को सभी वार्डों का डाटा व नक्शे उपलब्ध कराए गए हैं। पार्षदों ने भी होमवर्क करना शुरू कर दिया है।
22 वार्ड में बांटा जाएगा 453 ब्लाक को
निगम के अंदर फिलहाल 20 वार्डों में 453 ब्लाक बनाए गए हैं। ब्लाकों के अंदर 5 लाख 12 हजार की आबादी है। नियमों के तहत जनसंख्या बढ़ने के साथ वार्डों की संख्या 20 से बढ़कर 22 की जा रही है। इसमें एक एससी तो एक सामान्य वर्ग का वार्ड बढ़ेगा। अब नए वार्ड कहां बनाए जाएं, किस वार्ड की सीमा में कितना परिवर्तन किया जाए, इसके लिए गठित 9 सदस्यीय एडहॉक कमेटी की 13 फरवरी को मीटिंग होगी, जिसकी अध्यक्षता डीसी एवं एडहॉक कमेटी के चेयरमैन डाक्टर यश गर्ग करेंगे।
एक-दूसरे के वार्ड पर तिरछी नजर
कमेटी में शामिल एक सदस्य का तो यहां तक कहना है कि निगम में कांग्रेस बनाम भाजपा खेल चलना शुरू हो गया है। किस कांग्रेसी पार्षदों को वार्डबंदी के तहत कमजोर किया जा सकता है। भाजपा पार्षद कैसे मजबूत हो सकता है, इसका गहन अध्ययन कर रहे हैं। उसने तो अपने साथी पार्षदों तक से पूछ लिया है कि उनके वार्ड के अंदर कोई बदलाव करना है तो बता दें। वे कमेटी में सुझाव रख देंगे।
अनीता व गुलशन का वार्ड टूटना तय
शहर के अंदर पंजाबी समुदाय की सियासत में अहम भूमिका है, लेकिन पंजाबी बहुल ज्यादातर एरिया में गैर भाजपा पार्षद है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे में कांग्रेस की दिग्गज पार्षद अनीता मिगलानी और गुलशन ईशपुनियानी के वार्ड के अंदर तोड़फोड़ होना तय माना जा रहा है। क्योंकि एक नया सामान्य वार्ड बनाया जाना है।
मेयर के एरिया में एससी वार्ड की संभावना
नियमों के तहत जहां एससी समुदाय की जनसंख्या ज्यादा होगी, वहीं नया एससी वार्ड बन सकता है। वार्ड नंबर 2,3,4 में एससी समुदाय का दबदबा है। वार्ड 4 से मेयर रेनू डाबला पार्षद हैं। हालांकि डिप्टी मेयर अशोक भाटी, पूनम किलोई के वार्ड में भी एससी समुदाय की वोट काफी है, लेकिन वहां राजनीतिक गुणा-भाग ठीक नहीं बैठ पा रहा है। ऐसे में कलानौर हलके में वार्डों की सीमाओं में बदलाव कर नया वार्ड निकाला जा सकता है।
मेयर ने एक घंटा की आयुक्त से मुलाकात
नगर निगम मेयर रेनू डाबला मंगलवार को निगम आयुक्त प्रदीप कुमार के आफिस में पहुंची और शहर की सियासत व निगम के विकास कार्यों पर एक घंटे तक मंथन किया। हालांकि मेयर इसे महज औपचारिक मुलाकात बता रही हैं, लेकिन अंदर के सूत्रों का कहना है कि मेयर ने आयुक्त से विकास कार्यों पर गहराई से मंथन किया। वार्ड बंदी के साथ-साथ संभावित बजट व हाउस की मीटिंग पर राय रखी। मेयर का कहना है कि फरवरी माह के आखिर या होली के बाद हाउस की मीटिंग हो सकती है।