स्वच्छता सर्वे के लिए ग्राउंड में उतरी टीम, गंदगी हटाने की मांग के लिए नप कार्यालय पहुंचे लोग
चरखी दादरी।
स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे के लिए शहर पहुंची टीम रिकार्ड खंगालने के बाद दूसरे दिन मैदान में उतरी। टीम ने बिना नगर परिषद अधिकारियों को साथ लिए पैदल ही शहर के एक दर्जन स्थानों का दौरा किया। वहीं, दूसरी तरफ महेंद्रगढ़ चुंगी पर बनाए गए डंपिंग प्वाइंट की गंदगी से परेशान लोग पार्षद के साथ नप कार्यालय पहुंच गए। इन लोगों ने सचिव संजय यादव के सामने गंदगी से संबंधित परेशानी को रखते हुए डंपिंग प्वाइंट को शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांग को नजरअंदाज किया गया तो 15 दिन बाद वार्ड वासी नगर परिषद कार्यालय में ही धरना शुरू कर देंगे। इससे पहले दोपहर तक टीम ने नगर परिषद कार्यालय में स्वच्छता संबंधी प्रबंधों का डाटा खंगाला।
जानकारी के अनुसार जिला बनने के बाद पहली बार चरखी दादरी को स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे में शामिल किया गया है। इसलिए हम सब का दायित्व है कि हम अपने शहर को अच्छी रैंकिंग दिलाने में सहयोग करें। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और जनता दोनों में परस्पर सहयोग होना बेहद जरूरी है। दिल्ली से सर्वे के लिए आई टीम ने पहले दिन जहां ओडीएफ, सार्वजनिक शौचालयों, कूड़ा उठान सहित सफाई कर्मचारियों व वाहनों से जुड़ा डाटा खंगाला था। वहीं दूसरे दिन टीम ने समस्याओं की मॉनीटरिंग के लिए किए गए प्रबंधों के बारे में पूछताछ की। इस दौरान नगर परिषद के पास मॉनीटरिंग के लिए सरकारी गाड़ी की कमी होने की बात सामने आई। नप सूत्रों ने बताया कि टीम की जांच में अधिकारियों ने सुचारु रूप से मॉनीटरिंग न होने का कारण सरकारी वाहन की कमी बताया। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे सर्वे टीम के प्रभारी बिट्टू सिंह के नेतृत्व में कागजातों की जांच नप कार्यालय में शुरू की। दोपहर करीब एक बजे टीम में शामिल पूनम बिना नप अधिकारियों को बताए शहर का सर्वे करने चली गई। सूत्रों ने बताया कि सर्वे टीम ने डंपिंग प्वाइंट, बस स्टैंड रोड, घिकाड़ा रोड, एमसी कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, स्टेडियम रोड, पंचनंद चौक, हीरा चौक सहित पुराने शहर का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने लोगों से स्वच्छता संबंधी फीडबैक भी लिया। हालांकि टीम ने लोगों के फीडबैक को सार्वजनिक करने से मना कर दिया। टीम सदस्यों ने बताया कि दो दिन की जांच रिपोर्ट तैयार कर वो उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे। वहीं हाउसिंग बोर्ड की महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप स्थित जमीन पर कूड़ा डंप करने से परेशान वार्ड चार के लोग पार्षद दिनेश जांगड़ा के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। इन लोगों ने नप कार्यालय पहुंचकर अव्यवस्थाओं पर रोष जताया और सचिव संजय यादव से डंपिंग प्वाइंट शिफ्ट करने की मांग की। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि कर्मचारियों के कूड़ा डालने का पहले भी विरोध कर चुके हैं लेकिन इसके बाद भी यहां लगातार नगर परिषद कूड़ा डलवा रही है। नप सचिव ने लोगों को जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
20 साल पुरानी है समस्या, अब तो करवा दो समाधान
नगर परिषद कार्यालय पहुंचे वार्ड चार के पार्षद दिनेश जांगड़ा, धोलिया, रायसिंह, ओमप्रकाश बलौदा, यशवीर, अजय बलौदा आदि ने बताया कि पिछले करीब 20 सालों से महेंद्रगढ़ चुंगी के रिहायशी इलाके में डंपिंग प्वाइंट बनाया हुआ है। यहां पर कूड़े के ढेर लगे हैं और कई दफा यहां कूड़ा डालने का लोग विरोध कर चुके हैं लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
15 दिन में शिफ्टिंग नहीं तो शुरू करेंगे आंदोलन
यह समस्या काफी पुरानी है। जहां नगर परिषद कूड़ा डंप कर रही है वो जगह हाउसिंग बोर्ड की है और उन्होंने कूड़ा न डालने का बोर्ड भी लगाया हुआ है। अगर डंपिंग प्वाइंट को शिफ्ट नहीं किया गया तो हम 15 दिन बाद आंदोलन शुरू कर देंगे।
यशवीर, वार्ड चार
--हाउसिंग बोर्ड ने अपनी जमीन पर कूड़ा डालने पर पाबंदी लगाई हुई है। इसके बाद भी नगर परिषद कर्मचारी कूड़ा डाल रहे हैं। हम शहर को स्वच्छ तभी बना सकेंगे जब लोगों की समस्याओं का समाधान होगा। हम डंपिंग प्वाइंट से परेशान हो चुके हैं।
धोलिया, वार्ड चार
-- 20 साल से यहां लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। हम कई बार विरोध कर चुके हैं। हमें भी अपने वार्ड को स्वच्छ बनाना है इसलिए नगर परिषद इस डंपिंग प्वाइंट को दो सप्ताह के अंदर शिफ्ट करवा दे वरना हम आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
ओमप्रकाश बलौदा, वार्ड चार
-- वार्डवासियों की मांग मैं कई दफा अधिकारियों के सामने रचा चुका हूं। डंपिंग प्वाइंट शिफ्टिंग की मांग को हर बार नजरअंदाज किया गया है। 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो मैं खुद वार्डवासियों के साथ नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठ जाऊंगा।
दिनेश जांगड़ा, पार्षद वार्ड चार
वर्जन:
मैंने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन लोगों को दे दिया है। डंपिंग प्वाइंट के लिए हम कोई अन्य प्रबंध करने का प्रयास कर रहे हैं। टीम ने बिना किसी अधिकारी या कर्मचारी को साथ लेकर अपने स्तर पर ही शहर का सर्वे किया है। टीम कहां-कहां गई इसकी हमें जानकारी नहीं है।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
हमने सर्वे के तहत नगर परिषद के रिकॉर्ड की जांच की। इसके अलावा टीम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था का भी जायजा लिया। हम अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे।
बिट्टू सिंह, सर्वे टीम प्रभारी, कार्वि सर्वे कंपनी