फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा की लोक संस्कृति की झलक

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

विश्वविद्यालय के इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल-यूनिफेस्ट 2017 में युवओं ने अपनी कला का किया प्रदर्शन

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हरियाणा की लोक संस्कृति की झलक, भाव-प्रवण मूकाभिनय, सुरीले गीतों की बहार, काव्य का प्रवाह, ललित कला का हुनर शुक्रवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल-यूनिफेस्ट 2017 में देखने को मिला। इस दौरान एमडीयू के अलग-अलग साभागार में इसका आयोजन हुआ।
टैगोर सभागार के कला गगन में प्रतिभागियों ने हरियाणा के ग्राम्य जीवन को ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग में जीवंत किया। हुनरमंद हाथों ने क्ले मॉडलिंग इवेंट में संगीत कलाकार म्यूजिसियन्स तथा पशुओं-एनीमल क्ले-फीगर्स के सजीव से प्रतीत होने वाले क्ले-मॉडल्स बनाए। कार्टूनिंग में भ्रष्टाचार थीम तथा प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के कैरीकेचर बनाए।
विज्ञापन

टैगोर सभागार के मुख्य मंच पर लोक नृत्य एकल-बॉयज एंड गर्ल्ज तथा समूह नृत्य की धूम रही। संगीत विभाग में शास्त्रीय संगीत-गायन एवं वादन की गूंज रही। शास्त्रीय राग-रागनियों की सुर लहरियां इस इवेंट में गूंजी। संगीत विभागाध्यक्ष प्रो. हुकमचंद के संयोजन में विभाग में शास्त्रीय संगीत के इवेंट्स हुए। डीडीई कांफ्रेंस हॉल में काव्य पाठ-हिन्दी/पंजाबी/हरियाणवी/उर्दू/अंग्रेजी में प्रतिभागियों ने अपने काव्य अभिव्यक्ति प्रतिभा दिखायी।
स्टूडेंट एक्टीविटी सेंटर के साथ लगती वाटिका में स्थापित मंच पर माइम की प्रस्तुतियां दी गई। वहीं, संस्कृत भाषा एकांकी का मंचन भी हुआ। डा. अंबेडकर हॉल में संस्कृत संभाषण तथा संस्कृत श्लोकाचारण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल में राधाकृष्णन सभागार में अभिभावकों, शिक्षकों तथा सैनिकों को समर्पित गीत-गायन प्रतियोगिता तथा भारतीय समूह गीत प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
जीवन में विद्यार्थी काल एवं युवावस्था स्वर्णिम काल है। इस काल का इन पलों का सदुपयोग कर बेहतर जीवन की बुनियाद रखी जा सकती है। जीवन के संघर्षों को हंसते-मुस्कराते हुए लक्ष्य की ओर आगे बढऩे का मंत्र महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिजेन्द्र कुमार पूनिया ने आज विश्वविद्यालय के 37वें अंतर-क्षेत्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करते हुए दिया। इस तीन दिवसीय अंतर-क्षेत्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करते हुए दिया। इस तीन दिवसीय अंतर-क्षेत्रीय युवा महोत्सव का आज भव्य शुभारंभ टैगोर सभागार में हुआ।
मदवि कुलपति प्रो. बिजेन्द्र कुमार पुनिया ने कहा कि साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्त्रिस्यता से भाग लेना चाहिए। प्रो. पुनिया ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक-साहित्यिक कार्यक्त्रस्मों में भागीदारिता से व्यक्तित्व का सर्वांगिण विकास होता है।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार ने उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण दिया। प्रो. राजकुमार ने कहा कि आज का युग इमोशनल क्योसैंट(इ.क्यू.) में महारत का युग है। इस इ.क्यू. फैक्टर के विकास में कल्चरल एक्टीविटीज पार्टीसपेशन अहम है। प्रारंभिक उद्घोषणा तथा इंटर-यूनिवर्सिटी फेस्टीवल के विभिन्न इवेंट्स की जानकारी निदेशक युवा कल्याण डा. जगबीर राठी ने दी। उद्घाटन सत्र संचालन भी निदेशक युवा कल्याण ने किया।
इंटर जोनल यूथ फेस्टीवल के उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि नेटवर्क सोल्यूशन्ज प्रा.लि.-आईबीएम कंपनी के एचआर हैड हरजस सिंह पोपली नेइस युवा महोत्सव के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एमडीयू एलुमनस तथा प्रतिष्ठित गायक कुमार विशु ने अपने विश्वविद्यालय के दिनों को याद किया, तथा उन दिनों की मधुर स्मृतियां सांझा की। कुमार विशु ने सुरीला भजन- कभी प्यासे को पानी पिलाया नही, बाद अमृत पिालने से क्या फायदा प्रस्तुत कर मन मोह लिया। तदुपरांत, उन्होंने मनमोहक गीत- नए घड़े के पानी से जब मीठी खुशबू आती है, यूं लगता है कि जैसे तेरी खुशबू आती है प्रस्तुत कर उपस्थित जन को झूमा दिया।
उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि एवं एमडीयू एलुमनस प्रतिष्ठित सिने निदेशक हेमंत प्रदीप ने अपने एमडीयू के सुनहरे दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही एक हरियाणवी फिल्म प्रारंभ कर रहे हैं। उनका प्रयास रहेगा कि इस फिल्म में मदवि के विद्यार्थियों को मौका दें।
कार्यक्त्रस्म का प्रारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। तदुपरांत, विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया गया। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने सुमधुर सरस्वती वंदना-वीणा वादिनी वर दे प्रस्तुत किया। युवा महोत्सव के उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार हरियाणवी समूह नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जन को झूमा दिया।
विज्ञापन

इस अवसर पर प्रॉक्टर प्रो. एससी मलिक, चीफ वार्डन बॉयज प्रो. राधेश्याम, रजिस्ट्रार जितेन्द्र भारद्वाज, निदेशक यूआईएलएमएस प्रो. संतोष नांदल, प्रो. एसपी खटकड़, कन्या महाविद्यालय, खरखौदा की प्राचार्या डा. सुरेश बूरा, राजकीय महाविद्यालय, कंवाली प्राचार्य डा. परम भूषण आर्य, डीन फार्मासुयटिकल साइंस प्रो. बी. नरसिम्हन, एनएसएस कार्यक्त्रस्म समन्वयक डा. रणबीर सिंह गुलिया, प्रो. कुलताज सिंह, निरीक्ष्ज्ञक युवा कल्याण डा. प्रताप सिंह राठी, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, पीआरओ पंकज नैन, डा. नवीन कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें