10 माह बाद भी शुरू नहीं हुआ कुश्ती हॉल का निर्माण
चरखी दादरी।
अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता, बबीता व विनेश फौगाट के गांव बलाली में प्रस्तावित एयर कंडिशन कुश्ती हॉल निर्माण के टेंडर लेने को कोई एजेंसी तैयार नहीं है। इसके लिए पिछले दिनो टेंडर लगाए गए थे लेकिन किसी एजेंसी ने टेंडर रिसीव नहीं किए अब इसके लिए अगले तीन-चार दिनों में दोबारा टेंडर लगाए जाएंगे। ऐसे में 10 माह बाद भी सीएम की कुश्ती हॉल निर्माण की घोषणा सिरे नहीं चढ़ पाई है। यह कुश्ती हॉल आधुनिक तरीके की सभी सुविधाओं से युक्त बनना है और इसका सारा खाका पहले ही खींचा जा चुका है। विभाग की प्लान है कि टेंडर होते ही करीब चार माह में कुश्ती हॉल निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए पौने दो करोड़ की राशि मंजूर हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू करने की प्लानिंग है ताकि इस क्षेत्र के युवा कुश्ती खिलाड़ियों को जल्द ही यह सुविधा मिल सके।
18 सितंबर 2016 की सीएम रैली में गांव बलाली में सीएम ने कुश्ती हॉल बनवाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद खेल और पंचायत राज विभाग ने संयुक्त रूप से इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन ये प्रक्रिया फाइलों तक ही सिमटी हुई। धरातल पर कुछ काम शुरू नहीं हुआ है। ओलंपियन खिलाड़ी गीता व बबीता इसी गांव से हैं ऐसे में सीएम ने इस गांव में जिले का पहला अत्याधुनिक कुश्ती हॉल बनवाए जाने की घोषणा कर रखी है। गीता व बबीता ने अपने पिता द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर से कुश्ती के गुर इसी गांव की माटी में सीखे हैं। घर पर ही मैट लगाकर दोनो बहनों ने कुश्ती खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। इन बहनों से प्रेरणा लेकर अन्य लड़कियां व युवक भी अब यहां कोच महावीर की खेल नर्सरी में अभ्यास कर कुश्ती खेल में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जब गीता व बबीता ने कुश्ती खेलना शुरू किया था उस समय उनके पास अपना मैट भी नहीं था। अब यहां आधुनिक कुश्ती हॉल बनना है। यह कुश्ती हॉल पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। यहां बड़ा एयर कंडीशन हॉल बनना है। इसके लिए खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए जमीन फाइनल हो चुकी है। इसके साथ इसी गांव में 10 एकड़ जमीन पर खेल स्टेडियम भी बनना है।
पंचायती राज व खेल विभाग जुटे निर्माण में
पंचायतीराज व खेल विभाग को इस कुश्ती हॅाल निर्माण की जिम्मेदारी साैंप रखी है। पिछले दिनों इस कुश्ती हॉल निर्माण के लिए टेंडर लगाए गए थे लेकिन किसी भी एजेंसी की ओर से यह टेंडर रिसीव नहीं किए जाने पर निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन है। निर्माण को लेकर जिला खेल अधिकारी राजबीर ङ्क्षसह गांव बलाली का कई बार दौरा कर स्थिति का जायजा लेे चुके हैं।
तीन-चार दिन में फिर लगेंगे टेंडर
टेंडर रिसीव न होने पर अब तीन-चार दिनो में कुश्ती हॉल निर्माण के लिए फिर से टेंडर लगाए जाएंगे। जल्द ही यह टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ज्ञात रहे टेंडर प्रक्रिया संबंधी शर्ते नियम व कठोर होने पर आजकल ठेेकेदार या एजेंसी हर प्रकार के प्रोजेक्ट में ही टेंडर लेने से कतरा रही हैं। इस वजह से सभी सरकारी प्रोजेक्टों के लिए बार-बार टेंडर लगाने पड़ रहे हैं। शहर में चाहे बंदर पकड़वाने के टेंडर हो या स्ट्रीट लाइटों का विषय रहा हो हर प्रकार के प्रोजेक्टों पर बार-बार टेंडर लगाने पड़ रहे हैं।
अब जल्द ही दूसरी बार टेंडर लगाए जाएंगे। जैसे ही टेंडर रिसीव होते हैं तत्काल काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसके लिए बजट राशि मंजूर हो चुकी है।
राजबीर सिंह जिला खेल अधिकारी