अटल टिंकरिंग लैब के लिए जिले के छह स्कूलों का चयन
सरसा। कुछ नया करने की चाहत रखने वाले विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देने के लिए केंद्र सरकार एक नई योजना लेकर आई है। नीति आयोग, राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था भारत सरकार द्वारा अटल इनोवेशन मिशन एआईएम के तहत देश के सरकारी व गैर सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब खोली जा रही है। लैब के लिए सरकारी व मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल आवेदन कर सकते हैं। 8 जून 2018 को राउंड 2 की चयन रिपोर्ट के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों के 941 स्कूलों का चयन अटल टिंकरिंग लैब खोलने के लिए हुआ है। इनमें हरियाणा में 91 व सिरसा जिला में एक स्कूल डबवाली का सरस्वती विद्या मंदिर डबवाली शामिल है। ये लैब छठी से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा उक्त स्कूल को लैब के लिए 12 लाख रुपये की वित्तीय मदद भी दी जाएगी। बता दें कि देश में अब तक 2441 स्कूलों का अटल टिंकरिंग लैब के लिए चयन हो चुका है। जिनमें प्रथम चरण में पूरे देश में 1500 स्कूल व हरियाणा से 62 स्कूल चयनित हुए थे। वहीं द्वितीय चरण में देश से 941 स्कूलों का चयन किया गया। जबकि हरियाणा से 91 स्कूल। कुल मिलाकर अब तक हरियाणा से 153 स्कूलों का चयन अटल टिंकरिंग लैब के लिए हो चुका है। प्रथम चरण में चयनित हुए स्कूलों को भारत सरकार द्वारा 12 लाख रुपये प्रति स्कूल ग्रांट भी दी जा चुकी है। ताकि वे लैब को सही तरीके से संचालित कर सकें।
जिले के पहले चरण में 5 तो दूसरे में एक स्कूल चयनित:
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि अटल इनोवेशन मिशन एआईएम के तहत 25 दिसंबर 2017 को पहले चरण की रिपोर्ट के मुताबिक अटल टिंकरिंग लैब के लिए पांच स्कूलों का चयन हुआ है। इनमें विवेकानंद बाल मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा, सतलुज पब्लिक स्कूल ऐलनाबाद, जवाहर नवोदय विद्यालय ओढ़ां, बिशनामल जैन सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल कालांवाली व सर्वोदय शिक्षा सदन ऐलनाबाद का चयन हुआ था। इसके बाद 8 जून 2018 को द्वितीय चरण में जिले के एक स्कूल का चयन हुआ है। जिसमें सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल डबवाली शामिल है।
ये स्कूल कर सकते हैं आवेदन:
अटल टिंकरिंग लैब के लिए सरकारी व गैर सरकारी दोनों ही स्कूल आवेदन कर सकते हैं। वह स्कूल जिनके पास 1500 स्क्वेयर फीट जगह हो। कंप्यूटर लैब में इंटरनेट की सुविधा, स्कूल में बिजली का स्थाई प्रबंध होने के साथ स्कूल में साइंस लैब, लाइब्रेरी, मैथ व विज्ञान के अध्यापक होने भी जरूरी है।
मिलेंगी ये सुविधाएं:
अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थी रोबोटिक्स, सेंसर्स, थ्रीडी प्रिंटर्स व विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बारे में जानकारी लेंगे। अटल इनोवेशन मिशन का मुख्य उद्देश्य अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को नई टेक्नोलॉजी से रूबरू कराना व उनके नवप्रवर्तन, आइडिया को सार्थक करने के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना है। इसी के तहत बीती 26 जून को जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार, डाइट डिंग से सीनियर प्रवक्ता डॉ. ज्ञान चंद, विवेकानंद बाल मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा के निदेशक राम सिंह यादव, हिसार की जिला विज्ञान विशेषज्ञ पूर्णिमा गुप्ता व डीडी वर्मा द्वारा ओपी जिंदल स्कूल हिसार व विद्या देवी जिंदल स्कूल हिसार में स्थापित अटल टिंकरिंग लैब का दौरा कर उनकी बारीकियों के बारे में जानकारी हासिल की।
कोट़स
-अटल टिंकरिंग लैब के लिए अब तक जिले के 6 स्कूलों का चयन हो चुका है। पहले चरण में 5 तो दूसरे चरण में एक स्कूल चयनित हुआ है। पहले चरण में चयनित स्कूलों में लैब बनवाने के लिए प्रति स्कूल 12 लाख रुपए उनके खाते में आ चुके हैं।
-डा. यज्ञदत्त वर्मा, डीईओ सिरसा।