मिशन एडमिशन :
डीएचई ने पिछले वर्ष की गलतियों से सबक लेकर इस वर्ष पहले जारी की प्रोविजनल लिस्ट, मेरिट लिस्ट एक जुलाई को
- दाखिला प्रक्रिया के तहत लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच शुरू, जांच के बाद जारी होगी मेरिट लिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। डीएचई (डायरेक्टर हायर एजुकेशन) ने ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया के तहत पिछले वर्ष की गलतियों से सबक लिया है। इस वर्ष मेरिट लिस्ट से पहले प्रोविजनल लिस्ट जारी की गई है। प्रोविजनल लिस्ट के तहत कॉलेजों में उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई है। यह काम ऑनलाइन हो रहा है। दस्तावेज वेरिफिकेशन का मकसद आवेदन पत्र व मेरिट लिस्ट की त्रुटियों को दूर करना है। इसके बाद एक जुलाई को पहली मेरिट लिस्ट जारी होगी। इसके आधार पर विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा।
प्रोविजनल लिस्ट में नाम देखने की लगी होड़
प्रोविजनल लिस्ट लगने की सूचना मिलते ही विद्यार्थी कॉलेजों में उमड़ पड़े। यहां उनके बीच नोटिस बोर्ड पर चस्पा लिस्ट में अपना नाम तलाशने की होड़ लगी रही। इस लिस्ट में कॉलेज की सीटों से दो गुना उम्मीदवारों के नाम दिए गए हैं। ये नाम उनके अंकों के आधार पर दिए गए हैं। सबसे अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थी का नाम ऊपर व कम अंक वाले का नाम सबसे नीचे दिया गया है। दस्तावेजों की वेरिफिकेशन में किसी तरह की गड़बड़ी या कमी मिलने पर संबंधित विद्यार्थी का मेरिट लिस्ट से नाम कट जाएगा।
बैंक खाते के साथ देनी होगी ई-मेल आईडी
कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों को अपना बैंक खाता खुलवाना होगा। आवेदन पत्र में बैंक खाता नंबर व पास बुक की प्रति देना जरूरी है। खाता नंबर नहीं होने पर आवेदन पत्र रद्द कर दिया जाएगा। यही नहीं पहली बार विद्यार्थियों के लिए ई-मेल आईडी भी अनिवार्य की गई है। आवेदन पत्र में ज्यादातर विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी नहीं मिल रही है। इस कारण उन्हें अब ई-मेल आईडी बनवानी पड़ रही है। प्लेसमेंट के दौरान यह ई-मेल आईडी काम आएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को आय प्रमाणपत्र व आधार नंबर भी देना होगा। सरकार ने दाखिले के लिए इन दस्तावेजों को अनिवार्य किया है।
क्यों पड़ी प्रोविजनल लिस्ट की जरूरत
डीएचई ने पिछले वर्ष कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया को ऑनलाइन किया था। इसमें सरकारी के साथ गैर सरकारी कॉलेजों में भी दाखिले ऑनलाइन किए थे। इस दौरान मेरिट लिस्ट तैयार करने में भारी खामियां रहीं। कुछ विद्यार्थियों ने मेरिट में आने के बावजूद दाखिला नहीं मिलने का दावा करते हुए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया। इसके चलते डीएचई ने इस बार त्रुटियों से बचने के लिए पहले प्रोविजनल लिस्ट जारी करने का फैसला लिया। उम्मीदवारों के दस्तावेज जांचन के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। वेटेज लेने के लिए उम्मीदवार को अपने दस्तावेज देने होंगे। इससे उनकी अंक प्रतिशत प्रभावित होती है।
यह होगा प्रोविजनल लिस्ट का लाभ
प्रोविजनल लिस्ट के तहत डीएचई ने सबसे अधिक ग्रेड पाने वाले विद्यार्थियों के नाम शामिल किए गए हैं। ये नाम भी कॉलेज में आए आवेदनों में से सीटों का दो गुना ही हैं। प्रोविजनल लिस्ट में नाम आने वाले उम्मीदवारों के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच की जा रही है। इस दौरान आने वाली खामी को दूर किया जाएगा। खामी दूर नहीं होने पर वह आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा एक से अधिक जगह आवेदन करने वाला विद्यार्थी भी पहले ही अपना दाखिला सुनिश्चित कर सकेगा। इससे दूसरे कॉलेज में सीट रिक्त रहने की स्थिति नहीं बनेगी।