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कुंदन कोठी जमीन का मामला: टोटल सब स्टेशन मशीन से होगी पैमाइश

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कुंदन कोठी जमीन का मामला: टोटल सब स्टेशन मशीन से होगी पैमाइश
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बहादुरगढ़।
हाई कोर्ट के निर्देश पर नए सिरे से शुरू हुई कुंदन कोठी जमीन मामले की जांच तेज हो गई है। जांच कार्य में अधिकारी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। मामले की जांच में लगे अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान ने बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई की। उन्होंने टोटल सब स्टेशन मशीन से पैमाइश कराने के आदेश दिए। तहसीलदार मुखत्यार सिंह को मौके की पैमाइश कर मंगलवार तक रिपोर्ट पेश करने के आदेश जांच अधिकारी की ओर से दिए। दोबारा पैमाइश पूर्व विधायक नफे सिंह राठी की मांग की पर की जाएगी।
बता दें कि पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने कबाड़ी मार्केट के साथ लगती जमीन को सरकारी बताते हुए भाजपा के मनोनीत पार्षद अशोक गुप्ता पर करोड़ों का गोलमाल करते हुए इसे बेचने का आरोप लगाया था। पूर्व विधायक का आरोप था कि अशोक गुप्ता ने अधिकारियों के साथ मिलकर रजिस्ट्री किसी दूसरी जमीन की करा दी और कब्जा सरकारी जमीन पर दिया जा रहा है। पूर्व विधायक की शिकायत पर मामले की जांच शुरू हुई और पैमाइश भी हुई थी। पैमाइश के आधार पर नगर परिषद ने यहां पास किए गए नक्शों को रद्द कर दिया था।
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अब मामले की जांच एडीसी सुशील सारवान कर रहे हैं। हालांकि पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हाईकोर्ट भी गए थे लेकिन हाईकोर्ट ने इस मामले में वादी को सिविल कोर्ट जाने को कहा था। साथ ही प्रशासन को इस मामले की जांच रिपोर्ट चार सप्ताह में पूरी करने के आदेश दिए गए थे। पिछली तीन मई को सुनवाई के दौरान एडीसी ने अधिकारियों से जमीन का पूरा रिकार्ड मांगा था। बृहस्पतिवार को मामले की जांच के दौरान पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने दोबारा से अपनी देखरेख में पैमाइश की मांग की। इस पर जांच में शामिल अशोक गुप्ता ने दोबारा से पैमाइश की हामी भर दी। इसी के चलते एडीसी ने नए सिरे से पैमाइश करने और मंगलवार तक तहसीलदार को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
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एडीसी सुशील सारवान ने बताया कि कुंदन कोठी जमीन के मामले में जमीन की पैमाइश दोबारा की जाएगी। तहसीलदार को पैमाइश करके मंगलवार तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने बताया कि उन्होंने दोबारा पैमाइश करने की मांग एडीसी के समक्ष रखी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। अब पैमाइश से सारा मामला साफ हो जाएगा और खुलासा हो जाएगा कि यह जमीन सरकारी ही है।
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