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लो विजन वाले मरीजों की आंखों में आ सकेगी रोशनी

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हादसे में आंखों की रोशनी खो चुके लोगों के लिए ‘लो विजन एड एंड कांटेक्ट लैंस क्लीनिक’ बनेगा संजीवनी
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-पीजीआईएमएस रोहतक के नेत्र विभाग में मंगलवार और शुक्रवार को स्पेशल क्लीनिक शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
किसी भी हादसे की वजह से यदि आपकी आंखों की रोशनी कम हो गई है तो आपके लिए लो विजन एड एंड कांटेक्ट लैंस क्लीनिक संजीवनी बन सकता है। ऐसे मरीजों के लिए टेलिस्कोपिक लैंस व मैग्नीफाइंग ग्लास का प्रयोग कर उनकी आंखों में रोशनी वापस लाई जा सकती है। इस तकनीक के लिए पीजीआईएमएस रोहतक के नेत्र विभाग में मंगलवार व शुक्रवार को स्पेशल क्लीनिक शुरू हो गया है। अब ऐसे मरीजों को अपनी आंखों के उपचार के लिए दिल्ली व चंडीगढ़ में भागने की जरूरत नहीं होगी।

जिन मरीजों को बहुत कम दिखाई देता है, उनका उपचार पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान के कमरा नंबर 27 में हर सप्ताह स्पेशल ओपीडी के दिनों में किया जाएगा। इसमें 6/60 या इससे भी कम विजन वाले मरीजों को उपचार दिया जाएगा। आचार्य रमेश हुड्डा के अनुसार प्रतिदिन की 500 से 600 ओपीडी में से तीन से चार मरीज हर दिन सामने आते हैं। इसमें बच्चे, युवा व बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। ऐसे मरीजों में ऑप्टीकल व नॉन ऑप्टीकल डिवाइस का प्रयोग कर उनकी नेत्र ज्योति को वापस लौटाने का प्रयास किया जाता है। इसके उपचार में प्रयोग होने वाले लैंस की कीमत अलग-अलग हैं। यह मरीज की जरूरत के हिसाब से मंगाया जाता है, इसके अलावा सारा खर्च संस्थान की ओर से नि:शुल्क है। एक्सपर्ट ने बताया कि टेलिस्कोपिक लैंस दूर की नजर के लिए प्रयोग होता है। इससे सड़क पर चलने और टीवी देखने में लाभ मिलता है। इसके अलावा मैग्नीफाइंग ग्लास का प्रयोग पढ़ने व रुटीन के कार्य में प्रयोग होता है। इसके अलावा कंप्यूटर के लिए सरकार से संपर्क किया जाएगा। इससे अन्य मरीजाें को भी लाभ मिलेगा। डॉ. हुड्डा ने बताया कि संस्थान में प्रदेश भर से मरीज उपचार के लिए आते हैं, इसमें कई मरीज जिला अस्पतालों व निजी अस्पतालों से रेफर हो कर आते हैं। ऐसे मरीजों को संस्थान में सही उपचार देने का प्रयास किया जाएगा।
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बोले विभागाध्यक्ष
क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान की स्थापना मार्च 2006 में हुई थी। यहां मरीजों की सुविधा के लिए स्पेशल कॉर्निया, गलूकोमा, विट्रो रेटिना, ओक्यूलोप्लास्टी व पीडियाट्रिक ओपथैलमोलोजी क्लीनिक चलाया जाता है। अब मंगलवार व शुक्रवार को लो विजन एड एंड कांटेक्ट लैंस क्लीनिक भी चलाया जा रहा है। विभाग में डॉ. एके खुराना, डॉ. एसवी सिंह, डॉ. जेपी चुघ, डॉ. मनीषा राठी, डॉ. निभा, डॉ. अशोक राठी, डॉ. उर्मिल, डॉ. सुमित सचदेवा, डॉ. जितेंद्र फौगाट, आचार्य निर्मल परमार, आचार्य रमेश, रेश्मा सहित समस्त टीम मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है।
- डॉ. चांद सिंह ढुल, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग, पीजीआईएमएस रोहतक

फोटो सहित एसएनजे एक
पीजीआईएमएस में नेत्र विभाग के एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम।
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