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अमर उजाला स्टिंग ऑपरेशन में अवैध वसूली का खुलासा

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अमर उजाला स्टिंग ऑपरेशन में अवैध वसूली का खुलासा

राशन कार्ड बनाने के नाम पर लोगों से ठगी, फीस 20 वसूले जा रहे 100 से 200 रुपये
- कंपनी के कारिंदों के साथ सीएससी व अटल सेवा केंद्रों पर भी मची है लूट

विकास सैनी
रोहतक
प्रदेश में करीब डेढ़ दशक बाद बनाए जा रहे राशन कार्ड कुछ लोगों की कमाई का जरिया बन गए हैं। राशन कार्ड बनाने के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। कार्ड बनाने वाली निजी कंपनी ही नहीं, सीएससी (कम्यूनिटी सर्विस सेंटर) व अटल सेवा केंद्र पर भी लोगाें से अवैध वसूली की जा रही है। यह अवैध वसूली 100 से 200 रुपये तक की जा रही है। जबकि जिला एवं खाद्य आपूर्ति विभाग का शुल्क 20 रुपये से अधिक नहीं है। लोगों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अमर उजाला ने विभिन्न केंद्रों का स्टिंग ऑपरेशन किया तो ठगी का यह खेल सामने आया है और प्रशासन निश्चिंत बैठा है।

केस 1 : बोहर की बड़ी चौपाल पर राशन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली सामने आई। यहां कुछ लोग ग्रामीणों के राशन संबंधी दस्तावेज जमा करते मिले। खुद को एक निजी कंपनी का कर्मचारी बताने वाले तीन युवक लोगों से दस्तावेज के साथ रुपये लेते हुए भी नजर आए। कार्ड बनाने के लिए शुल्क सौ-सौ रुपये लिए गए। इसमें 50 रुपये शपथ पत्र व 50 रुपये आवेदन पत्र के नाम लिए गए। कुछ लोगाें ने दो सौ रुपये वसूलने की भी बात कही।
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केस 2 : शहर के प्रेम नगर स्थित अटल सेवा केंद्र पर भी राशन कार्ड बनाने के नमा पर लोगों से मनमाफिक रुपये वसूले जा रहे हैं। यहां दस्तावेजों के साथ कोर्ट से शपथ पत्र भी मंगाया जा रहा है। इसके अलावा उपभोक्ताओं से सौ से दो सौ रुपये शुल्क लिया जा रहा है। इस बारे में केंद्र संचालक किसी की सुनने को तैयार नहीं है। यहां भी टीम राशन कार्ड बनवाने पहुंची तो यह बात सामने आई।

कोर्ट का शपथ पत्र नहीं है जरूरी
राशन कार्ड बनवाने के लिए कोर्ट से शपथ पत्र बनवाना जरूरी नहीं है। इसके लिए आवेदक सादे कागज पर अपना फोटो व हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र दे सकता है। यह मान्य है। इसमें सादे कागज या एक रुपये का आवेदन मिल सकता है। जबकि उपभोक्ताओं से कोर्ट से शपथ पत्र बनवाने के नाम पर 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।

कंपनी को मिल रहा 30 रुपये कमीशन
सरकार ने राशन कार्ड बनाने के लिए एक कंपनी को भी अधिकृत किया है। उपभोक्ताओं से कंपनी के कर्मचारी 50 रुपये वसूल रहे हैं। इसमें से 20 रुपये खाद्य आपूर्ति विभाग के पास चलते जाते हैं। जबकि 30 रुपये कमीशन कंपनी को मिल रहा है। इसके अलावा पांच रुपये प्रति पेज स्कैन करने के नाम से भी रुपये वसूले जा रहे हैं। इसकी वजह आवेदन के साथ दस्तावेज जमा कराना बताया जा रहा है। जबकि आधार नंबर देने के बाद किसी तरह का दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होती है। डिजिटल कार्ड के तहत सिस्टम व्यक्ति का सारा डाटा स्वत: आधार नंबर से अपडेट कर लेता है।

5 रुपये स्केनिंग के वसूलने की स्थिति अस्पष्ट
राशन कार्ड के आवेदन के साथ लिए जा रहे दस्तावेज स्कैन करने के नाम पर भी पांच रुपये वसूले जा रहे हैं। इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कंपनी के कर्मचारी एक पत्र का हवाला देते हुए पांच रुपये प्रति दस्तावेज स्कैनिंग शुल्क लिए जाने की बात कर रहे हैं। जबकि अधिकारी यह शुल्क वसूले जाने को लेकर असमंजस में हैं। उनके पास इस तरह का कोई पत्र या निर्देश नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ष्ट नहीं है कि स्कैनिंग के लिए पांच रुपये शुल्क लिया जाना है या नहीं।

वर्जन :
राशन कार्ड बनाने के लिए 50 रुपये लिए जा रहे हैं। इसके अलावा पांच रुपये स्कैनिंग शुल्क वसूला जा रहा है। शपथ पत्र का प्रावधान नहीं है। यदि इस तरह का शुल्क वसूला जा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।
- विशाल चुघ, डीएम, सीएससी।

वर्जन :
विभाग ने नए राशन कार्ड बनाना शुरू कर दिया है। यह काम सीएससी, अटल सेवा केंद्र व ई-दिशा केंद्रों पर बनाए जा रहे हैं। विभाग ने कार्ड बनाने का शुल्क 20 रुपये तक रखा है। सरल पोर्टल पर उपभोक्ता नि:शुल्क आवेदन कर सकते हैं।
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- सुरेंद्र सैनी, डीएपएससी।

वर्जन :
राशन को लेकर 50 रुपये कंपनी के वैलेट से कट रहे हैं। यह शुल्क उपभोक्ताओं से लिया जा रहा है। इसमें 20 रुपये खाद्य आपूर्ति विभाग का व शेष कंपनी का कमीशन है। दस्तावेज स्कैन करने को लेकर कंपनी के कर्मचारियों ने पत्र दिखाया है। इसमें प्रति पेज पांच रुपये शुल्क वसूलने की बात कही गई है। इस बारे में ऊपर से पत्र नहीं मिला है। इस शुल्क से अलग किसी तरह का शुल्क वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- मुनीष बाबू गुप्ता, डीआईओ।
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