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ओलावृष्टि से खराब फसलों की होगी गिरदावरी, मंडियों के खराब गेहूं की भी मांगी रिपोर्ट: धनखड़

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ओलावृष्टि से खराब फसलों की होगी गिरदावरी, मंडियों के खराब गेहूं की भी मांगी रिपोर्ट: धनखड़
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चरखी दादरी।
प्रदेश के जिलों में बरसात व ओलावृष्टि से किसानों की जो फसलें बर्बाद हुई हैं उसके लिए प्रदेश सरकार स्पेशल गिरदावरी कराएगी। राजस्व विभाग के वित्तायुक्त के माध्यम से सभी जिलों के डीसी को इस संबंध में सोमवार को ही आदेश जारी हो चुके हैं। इसके अलावा अव्यवस्थाओं के चलते जो अनाज प्रदेश की मंडियों में बारिश से भीगकर खराब हुआ है उसकी जानकारी भी हरियाणा राज्य विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने मांगी है। ये विचार कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने चरखी दादरी में किसानों द्वारा खराब फसलों के मुआवजे की मांग करने पर कही। कृषि मंत्री चरखी दादरी लघु सचिवालय लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे थे। इस दौरान जिले के करीब 12 गांवों के किसान अपनी खराब फसल लेकर कृषिमंत्री को दिखाने पहुंचे। बैठक के बाद आयोजित खुले दरबार में कृषिमंत्री ने इन किसानों को स्पेशल गिरदावरी कराने का आश्वासन दिया।
जिले के गांव बिगोवा व इमलोटा सहित करीब आधा दर्जन गांवों में रविवार रात हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। गत शुक्रवार को भी जिले में 36 एमएम बरसात से करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की फसलें खराब हो गईं थी। चरखी दादरी अनाज मंडी में भी करीब तीन हजार क्विंटल खुले में पड़ा गेहूं भीगने का अनुमान है। अमर उजाला ने गत आठ अप्रैल के संस्करण में ‘अंधड़ से खेतों में बिछा पीला सोना’ व नौ अप्रैल के संस्करण में ‘खेतों में बचा तो अनाज मंडी में बेकद्री से सड़ा किसानों का गेहूं’ नामक शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। सोमवार को बिगोवा, इमलोटा, समसपुर, मोरवाला, अचीना आदि गांवों के किसान थैली में भरकर अपनी खराब फसलें लेकर कृषि मंत्री से मिलने पहुंचे। किसानों को आश्वस्त करते हुए धनखड़ ने कहा कि फसलों में नुकसान की आंकलन रिपोर्ट सभी जिलों के डीसी से तलब की जा चुकी है और सोमवार को ही इस संदर्भ में पत्र जारी कर दिए गए हैं। 56 हजार हेक्टेयर में हुई थी गेहूं की बिजाई, 30 से 40 प्रतिशत खराब
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इस बार जिले में गेहूं की बिजाई करीब 56 हजार हेक्टेयर जमीन पर की गई थी। पहले 36 एमएम बरसात और रविवार को हुई ओलावृष्टि ने जिले के करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की 30 से 40 फीसदी फसलों से नुकसान पहुंचा है। वहीं, अनाज मंडी में करीब 13 हजार क्विंटल गेहूं की सोमवार तक आवक हुई। करीब ढाई से तीन हजार क्विंटल गेहूं बरसात में भीगकर खराब होने का अंदेशा है।
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जहां ज्यादा नुकसान वहां होगी स्पेशल गिरदावरी: धनखड़
कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद कृषिमंत्री पत्रकारों से भी रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले कुछ रोज से मौसम बहुत खराब है और इससे फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। जिन जिलों में ज्यादा नुकसान हुआ है वहां स्पेशल गिरदावरी भी जिला प्रशासन की मार्फत सरकार कराएगी। इसके अलावा प्रदेश की मंडियों में जो अनाज खराब हुआ है इसकी रिपोर्ट भी मार्केटिंग बोर्ड ने मांगी है।
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