अमर उजाला पड़ताल
बर्तन नहीं होने से सरकारी स्कूलों के बच्चों को नहीं मिल रहा फ्लेवर्ड मिल्क
नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षा विभाग ने बच्चों को फ्लवेर्ड मिल्क देने की बनाई है योजना
जिले के सरकारी स्कूलों में हैं 40 हजार बच्चे
विकास सैनी
रोहतक।
नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों के बच्चों तक फ्लेवर्ड मिल्क नहीं पहुंचा है। स्कूलों में सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को शुरू करने के लिए बर्तनों की जरूरत है। बजट जारी होने के बावजूद बच्चों को दूध मुहैया कराने के लिए ग्लास या मग नहीं खरीदे गए हैं। पाउडर से दूध तैयार करने के लिए पतीले, ड्रम या अन्य बर्तन भी नहीं हैं। इस कारण बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मिड डे मील योजना का सच जानने के लिए अमर उजाला ने विभिन्न स्कूलों का दौरा किया तो यह सच सामने आया। शिक्षा विभाग ने जल्दी ही योजना को अमलीजामा पहनाने का दावा किया है।
यह है योजना
सरकार ने स्कूली बच्चों को सेहतमंद बनाने के उद्देश्य से मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को दूध देने की योजना शुरू की है। इसके तहत नए सत्र में पहले ही दिन से बच्चों को दूध मुहैया कराना था। यह दूध इलायची, वनीला, स्ट्रॉबेरी, पाइनएप्पल, लीची व अन्य फ्लेवर में होगा। इससे बच्चे दूध पीने से मुंह नहीं मोड़ेंगे। प्रत्येक बच्चे को योजना के तहत 200 ग्राम दूध दिया जाएगा। योजना शुरू होने पर विद्यालयों को उपयोगिता प्रमाण देना होगा। इस पर खरीद कमेटी खरीदे गए सामान की मात्रा, गुणवत्ता जांच परखकर अपनी हस्ताक्षरयुक्त रिपोर्ट अधिकारियों को भेजेंगे।
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बर्तन खरीदने का बजट जारी
मिड डे मील योजना के तहत बच्चों को दूध पिलाने के लिए स्कूलों में मिल्क पाउडर आ चुका है। अब दूध तैयार करने व पीने के लिए बर्तनों की जरूरत है। इसके लिए सरकार ने 3528.22 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। विभाग ने 225 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से जारी किए हैं। इनसे स्कूल में बच्चों के लिए ग्लास या मग खरीदे जाने हैं।
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कमेटी करेगी बर्तनों की खरीद
एमडीएम योजना के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए बर्तन खरीदने का काम कमेटी करेगी। इसमें विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष, मुख्य अध्यापक या विद्यालय प्रभारी, विद्यालय प्रबंधन समिति की कोई एक महिला, गैर सरकारी सदस्य शामिल हैं।
1 पैकेट से तैयार होगा 15 लीटर दूध
एमडीएम योजना के तहत बच्चों को दूध मुहैया कराने के लिए सरकार ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। उन्हें मिल्क पाउडर से दूध तैयार करने की विधि समझाई गई है। एक किलोग्राम के मिल्क पाउडर से 15 लीटर दूध तैयार होगा। इसके लिए 14 लीटर पानी गर्म करके उसमें मिल्क पाउडर मिलाया जाएगा। यह दूध एक घंटे में बच्चों को पिलाना होगा। दूध की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए स्टॉक तीन महीने में खत्म करना होगा।
वर्जन :
दूध की सप्लाई स्कूलों में पहुंच चुकी है। बच्चों के दूध पीने के लिए बर्तन खरीदे जाने हैं। इस बारे में स्कूलाें को 22 मार्च को ही पत्र भेज कर अवगत कराया जा चुका है। बर्तन परचेज कमेटी खरीदेगी। स्कूलों को पत्र भेज कर इस बारे में जवाब मांगा जाएगा। जल्दी ही बच्चों को दूध मुहैया कराया जाएगा।
-परमेश्वरी हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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सरकारी स्कूल एक नजर में
- 211 प्राइमरी स्कूल हैं जिले में।
- 23077 विद्यार्थी यहां पढ़ते हैं।
- 36 मिडिल स्कूल हैं जिले में।
- 17496 विद्यार्थी यहां पढ़ते हैं।
- 409 स्कूल जिले में कुल हैं।
- 40573 विद्यार्थी हैं जिले में।