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नगर निगम की वार्डबंदी पर आपति को लेकर कांग्रेसी पार्षद पीछे हटे तो पब्लिक आई सामने

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फ्लैग : नगर निगम की वार्डबंदी पर आपत्ति को लेकर कांग्रेसी पार्षद पीछे हटे तो पब्लिक आई सामने
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हेडिंग : वार्ड नंबर छह में चौधर की लड़ाई, एससी व पंजाबी समुदाय में ठनी

: एससी समुदाय की तरफ से आपत्ति, बोले - न की जाए वार्ड से छेड़छाड़, पंजाबी समुदाय के लोग आज करेंगे वार्ड ओपन करने की मांग
: भाजपा के असंतुष्ट पार्षद बोले, पब्लिक नहीं, विरोधी देखकर बनाए गए दो से ढाई किलोमीटर लंबे वार्ड
: नियम टटोलते रहे दिनभर कांग्रेसी पार्षद, नहीं मिल रहा अदालत जाने का भी रास्ता

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर शहर का सियासी माहौल गरम है। आपत्ति दर्ज कराने के लिए कांग्रेसी पार्षदों के पीछे हटने के बाद पब्लिक सामने आने लगी है। सबसे ज्यादा घमासान वार्ड नंबर 6 को लेकर है, जहां एससी समुदाय व सामान्य समुदाय के लोग वार्ड आरक्षित के सवाल पर आमने-सामने आ गए हैं।
संजय नगर निवासी लक्ष्मीनारायण किराड़ ने लिखित में निगम प्रशासन को बताया कि उनके मोहल्ला में एससी समाज के लोग ज्यादा रहते हैं। साथ ही मोहल्ला एससी वार्ड में ही रहा है। 2013 में उनका वार्ड बीसी कर दिया गया था, लेकिन अब दोबारा से 6 नंबर वार्ड के नाम से एससी कर दिया गया है। ऐसा करके निगम ने समाज के लोगों को पूरा सम्मान दिया है, लेकिन कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए वार्ड को सामान्य करवाना चाहते हैं। साथ ही जातिगत बातें कर रहे हैं, जो सही नहीं है। संजय नगर को वार्ड नंबर छह में रखा जाए। साथ ही वार्ड को एससी ही रखा जाए। उधर, गोहाना रोड के साथ लगते वार्ड के पंजाबी बाहुल्य गुरुनानकपुरा, सांई दास कालोनी, कृष्णा कालोनी व अन्य एरिया है। वहां के लोगों ने वार्ड बचाओ, सामान्य बनाओ समिति गठित की है। समिति के लोग बुधवार को निगम में आपत्ति दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि पहले उनका लंबे समय से वार्ड एससी रहा। बाद में बीसी कर दिया गया। अब दोबारा से एससी किया जा रहा है। इससे उनके राजनीतिक हक दबाए जा रहे हैं।
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पब्लिक नहीं, विरोधी को ध्यान में रखकर की गई वार्डबंदी
निगम की वार्डबंदी को लेकर चाहे कांग्रेसी पार्षद पीछे हट गए हैं, लेकिन भाजपा के असंतुष्ट पार्षद अब भी बिगुल बजाए हुए हैं। पार्षद अशोक खुराना का कहना है कि निगम के अधिकारियों ने पब्लिक के हितों को नहीं, बल्कि विरोधी को देखकर वार्डबंदी की है।

वार्ड नंबर 13 : 2 किलोमीटर वार्ड के एक कोने से दूसरे कोने की दूरी
निगम प्रशासन ने पुलिस लाइन से लेकर सीआर पॉलिटेक्निक कॉलेज तक वार्ड नंबर 13 बनाया है। अब पुलिस लाइन से पावर हाउस चौक तक की दूरी 2 किलोमीटर तक है। साथ ही दूसरी तरफ वार्ड के बीचोंबीच सोनीपत रोड को लिया गया है, जो सिटी पार्क तक आता है। निगम के अधिकारी चाहते तो आसपास के एरिया को ले सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

वार्ड नंबर 19 : काठमंडी से गांधी कैंप तक बनाया वार्ड
निगम की तरफ से बनाया गया वार्ड काठमंडी के टेक नगर से लेकर गांधी कैंप स्थित वाल्मीकि बस्ती तक बनाया गया है। दोनों के बीच न केवल दो रेलवे लाइन आती हैं, बल्कि झज्जर रोड व सरकुलर रोड भी पार करना होगा।

वार्ड नंबर 17 : तेज कालोनी से जाना होगा न्यू अनाज मंडी तक
वहीं, निगम का वार्ड नंबर 17 भी काफी लंबा बनाया गया है। एक तरफ जहां पुराना गोहाना अड्डे के नजदीक तेज कॉलोनी है, जबकि दूसरी तरफ नई अनाज मंडी है। तेज कालोनी से होते हुए वार्ड की सीमा पाड़ा मोहल्ला, सल्लारा मोहल्ला, पिथवाड़ा मोहल्ला, प्रताप मोहल्ला, किला मोहल्ला, केवल गंज, कृष्णा कालोनी, गुरुचरणपुरा, अनाज मंडी व नई अनाज मंडी तक जाएगा।

वार्ड नंबर 6 : एक तरफ हनुमान कॉलोनी, दूसरी तरफ छोटूराम चौक
यहीं हाल, निगम के वार्ड नंबर छह का है। इसमें एक तरफ गोहाना रोड पर मेयर के घर के पास हनुमान कॉलोनी को शामिल किया गया है, वहां से वार्ड की सीमा फतेहपुरी कालोनी, महाबीर कालोनी, कृष्णा कालोनी, गुरुनानकपुरा, भगत कालोनी, संजय नगर, सैनीदास कॉलोनी, किलो मोहल्ला से होते हुए छोटूराम चौक तक पहुंचती है।

वार्ड नंबर 14 : मेडिकल मोड़ से डीएलएफ
निगम की तरफ से दिल्ली रोड के एक तरफ 13 तो दूसरी तरफ वार्ड 14 बनाया गया है। वार्ड 14 में मेडिकल मोड़ से शुरू होकर आदर्श नगर, गांधी नगर, अर्जुन नगर, गांधी कैंप, जवाहर नगर, पटेल नगर व डीएलएफ कालोनी व लघु सचिवालय तक का एरिया शामिल किया गया है। इसमें भी वार्ड के दो सिरों की दूरी 2 किलोमीटर के करीब पड़ती है।
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दूसरे दिन आया वार्ड नंबर 18 से सुझाव, न की जाए छेड़छाड़
आपत्ति व सुझाव के दूसरे दिन एक सुझाव आया है। वार्ड नंबर 18 निवासी संजय ने लिखित में निगम को अवगत कराया है कि उनके वार्ड का गठन उचित ढंग से किया गया है। इसमें जनता कॉलोनी, राजेंद्र कालोनी, न्यू अग्रसेन कॉलोनी, न्यू जनता कॉलोनी के आसपास का एरिया शामिल किया गया है। उनके वार्ड के साथ किस तरह की छेड़छाड़ न की जाए।
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