अब पंचायतों को तैयार करनी होगी एक साल के विकास कार्यों की योजना
चरखी दादरी।
ग्राम विकास योजना के तहत अब पंचायतों को एक बार ही पूरे साल के विकास कार्यों की प्लान तैयार करके देनी होगी। अब उसी पंचायत को विकास कार्यों की ग्रांट मिलेगी जो प्लान प्लस पर एस्टिमेट फाइल अपलोड करेगा। ये योजना एक अप्रैल से शुरू होगी और इसके तहत सबसे पहले ग्राम सचिव को पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे सरपंच को अपने गांव के विकास कार्यों की सूची तैयार करनी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। इसके लिए अलग से प्रिया सॉफ्टवेयर बनाया गया है। एस्टिमेट की जांच के बाद बजट के संबंध में विचार किया जाएगा। जो एस्टिमेट फाइल एक्सन प्लान में शामिल होगी उसे ही विकास कार्यों के लिए ग्रांट मिलेगी। ये कार्य योजना ऑनलाइन बैंक को भेजी जाएगी ताकि बजट राशि का भुगतान किया जा सके।
जानकारी के अनुसार सरपंचों को इसे एक अप्रैल को 2018-19 की एक साल की कार्य योजना तैयार करनी होगी। पंचायत विभाग ने एक अप्रैल से विकास कार्यों के लिए नया खाका तैयार कर लिया है। 20 लाख से ज्यादा के विकास कार्य एक्सईएन पंचायती राज के माध्यम से टेंडर के जरिए पूरे किए जाएंगे। जिले में 101 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायती विकास कार्य अब पुराने ढर्रे पर नहीं हो सकेंगे। अब तक सरपंच प्रस्ताव पारित कर बीडीपीओ कार्यालय में एस्टिमेट जमा करवाता था। इसके लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं थी। सरपंच अपनी मनमर्जी से एस्टिमेट तैयार कर साल के किसी भी माह में यह एस्टिमेट फाइल लेकर बीडीपीओ कार्यालय पहुंच जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब उसी पंचायत को विकास कार्यों की ग्रांट मिलेगी जो प्लान प्लस पर एस्टिमेट फाइल अपलोड करेगा। एस्टिमेट फाइल तैयार करने से पहले सरपंच को ग्राम सभा की बैठक में यह प्रस्ताव पारित करना होगा। उसके बाद अगली प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। एक अप्रैल से शुरू होने वाली योजना के संबंध में पंचायत विभाग ने प्रारूप तैयार कर लिया है। ग्राम सचिवों की जल्द ही विशेष ट्रेनिंग भी करवाई जाएगी ताकि उन्हें यह प्रारूप समझाया जा सके। ये ट्रेनिंग एक अप्रैल से जिला मुख्यालय पर शुरू करने की योजना है। ट्रेनिंग के तहत ग्राम सचिव व विभाग के अन्य अधिकारियों को तकनीकी व योजना के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी दी जाएंगी।
वर्जन
==एक अप्रैल से यह नया नियम लागू होने जा रहा है। पंचायतों को अब एक साल की प्लान तैयार कर अपलोड करनी होगी। इस प्लान से बाहर कोई विकास कार्य मंजूर नहीं होगा। सरपंचों को ग्राम सभा की बैठक कर प्लान तैयार करनी होगी ताकि गांव के सभी वार्डों में समान विकास हो सके।
सुरेंद्र सिंह, सचिव, पंचायत विभाग