नकली डीजल की मिक्सिंग मिलने पर पेट्रोल पंप सील, संचालक के खिलाफ केस दर्ज
चरखी दादरी।
सीएम कार्यालय को मिली शिकायत पर सीएम फ्लाइंग ने शनिवार रात दादरी-दिल्ली रोड पर गांव समसपुर के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप पर रात करीब ढाई बजे छापा मारा और नकली डीजल मिक्सिंग खेल का भंडाफोड़ कर पंप सील कर दिया। टीम ने पेट्रोल पंप से नकली डीजल से भरा टैंकर भी बरामद किया है। इस टैंकर को डीजल स्टोरेज टैंक में खाली किया जा रहा था और 12 हजार लीटर क्षमता वाले कैंटर में करीब 7800 लीटर डीजल ही शेष था। प्रशासनिक अमले की जांच में बाकी डीजल अंडरग्राउंड टैंक में डालने की बात भी सामने आई है। पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि इस टैंकर को इंडियन ऑयल कंपनी ने नहीं भेजा था। लीज पर पंप लेकर चला रहे संचालक धर्मपाल के पास भी इसकी कोई एंट्री नहीं मिली। वहीं, प्रशासन का शिकंजा कसता देख कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। सदर थाना पुलिस ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर पेट्रोल पंप संचालक, दो सेल्समैन, चालक व कैंटर मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कार्रवाई कर रही टीम ने पेट्रोल पंप को सील कर दो बार सैंपल लिए ।
समसपुर गांव के समीप स्थित शहीद राजेंद्र फिलिंग स्टेशन पर शनिवार रात करीब ढाई बजे रोहतक से आई सीएम फ्लाइंग ने पुलिस के खुफिया विभाग व खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर छापामारी की। टीम सदस्यों ने बताया कि इस दौरान पेट्रोल पंप की सभी लाइटें बंद मिली और डीजल का टैंकर अंडरग्राउंड टैंक में खाली करते कुछ लोग मिले। इस दौरान एक युवक मौके से भाग निकला। बाद में पता चला कि वह डीजल लेकर आए टैंकर का चालक है। इस दौरान सीएम फ्लाइंग में शामिल सब इंस्पेक्टर कर्मवीर, सब इंस्पेक्टर जगत सिंह, एएसआई देवेंद्र व हेड कांस्टेबल नरेंद्र सहित जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी अनिल कालरा ने डीजल से भरे खड़े दो टैंकरों के बारे में पेट्रोल पंप सेल्समैन व संचालक के बेटे से पूछताछ की तो पता चला कि जो अंडरग्राउंड टैंक में खाली हो रहा है वो डीजल नकली है। इसके बाद टीम ने पेट्रोल पंप को अपने कब्जे में ले लिया। प्राथमिक जांच में इसके तार सोनीपत जिले से जुड़े होने और इस मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग के एक इंस्पेक्टर की संलिप्तता की बात सामने आई है। वह व्यक्ति शनिवार रात दादरी में ही था। सीएम फ्लाइंग ने तुरंत पेचीदा हुए मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी और प्रशासनिक टीम के पास रविवार सुबह करीब 12 बजे दोबारा सैंपल लेने के आदेश आ गए। इसके बाद टीम सदर थाना पुलिस सहित मौके पर पहुंची और आईओसीएल कंपनी अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा से सैंपल भरे। खाद्य आपूर्ति विभाग के सब इंस्पेक्टर यक्ष कुमार ने बताया कि खाद्य आपूर्ति विभाग लिए गए एक सैंपल की जांच मधुबन करवाएगा जबकि दूसरे सैंपल की जांच आईओसीएल की टीम पानीपत में कराएगी। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में एस्सेंशियल कॉमोडिटी एक्ट-1955 की धारा के तहत कार्रवाई का प्रावधान है और यह गैर जमानती अपराध है। इसमें दस साल की सजा का भी प्रावधान है। वहीं, पेट्रोल पंप पर कार्रवाई करने पहुंची टीम में खुफिया विभाग इंस्पेक्टर दिनेश यादव, बलबीर, केदारनाथ, शक्ति सिंह, सदर थाना सिक्योरिटी एजेंट संजय कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर मनफूल, इंस्पेक्टर जसप्रकाश व सब इंस्पेक्टर यक्ष कुमार शामिल रहे।
पांच लाख का नकली डीजल किया जा रहा था मिक्स
खाद्य आपूर्ति विभाग के सब इंस्पेक्टर यक्ष कुमार ने बताया कि पेट्रोल पंप पर खड़े टैंकर में करीब 12000 लीटर डीजल था जो नकली था। इसके बिल या कोई अन्य दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने बताया कि डंपर चालक मौके से टीम को देखकर पहले ही खिसक लिया। कैंटर में करीब पांच लाख रुपये का डीजल मिला है इसमें से कुछ अंडरग्राउंड डीजल टैंक में खाली भी किया जा चुका था।
रिफाइनरी से आए कैंटर को नहीं किया खाली
प्रशासनिक टीम की प्राथमिक जांच में सामने आया कि पानीपत रिफाइनरी से भी एक टैंकर डीजल दो दिन पहले भेजा गया था लेकिन पंप संचालक ने उसे अपने स्टॉक में नहीं लिया। पंप पर खड़े इस टैंकर की सील तक नहीं खोली गई थी। टीम ने जब डीजल से भरे टैंकर के दस्तावेज मांगे तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत दस्तावेज दिखा दिए। सेल्समैन ने बताया कि पंप संचालक धर्मपाल ही टैंकर खाली करने के आदेश देता है।
चार घंटे रखी नजर, 16 घंटे पंप पर डाले रहीं टीमें डेरा
खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारियों के पास सीएम ऑफिस से रेड की सूचना पहुंची थी जबकि जगह की जानकारी नहीं दी गई थी। सूत्रों की मानें तो लघु सचिवालय में सभी टीमें एकत्र हो गई और खुफिया विभाग के कर्मचारियों ने पेट्रोल पंप की निगरानी रखी। करीब दस बजे लघु सचिवालय पहुंचे अधिकारियों के पास रात ढाई बजे पेट्रोल पंप पर टैंकर खाली होने की सूचना पहुंची। इसके तुरंत बाद टीमों ने मौके पर पहुंचकर पेट्रोल पंप को अपने कब्जे में ले लिया। रविवार शाम तक टीमें अपनी कार्रवाई में जुटी रही। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि करीब 16 घंटे टीमें फिलिंग स्टेशन पर मौजूद रही और शनिवार रात ही पेट्रोल पंप को सील कर दिया था।
सोनीपत से तार जुड़े होने की आशंका
जांच में शामिल अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेट्रोल पंप सेल्समैन व अन्य से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने डीजल का टैंकर सोनीपत से आने की बात बताई है। उन्होंने बताया कि इस खेल में खाद्य आपूर्ति विभाग का एक इंस्पेक्टर भी शामिल है और उसके अन्य कई जिलों से तार जुड़े हैं। वो ही डीजल मिक्सिंग के खेल में आपसी सेटिंग कराता है।
युद्घ में शहादत पर मिला पेट्रोल पंप दिया है लीज पर
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पेट्रोल पंप सरकार की तरफ से युद्ध में शहादत पर अनुदान दिया गया था। पंप मालिक सुशीला ने इसे एमसी कॉलोनी में रह रहे धर्मपाल नामक व्यक्ति को लीज पर दे रखा है और वही इसे चलाता है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार अनुदान में मिला पेट्रोल पंप लीज पर देना गलत है। नकली डीजल मिक्सिंग का खेल पेट्रोल पंप पर रंगे हाथों पकड़ा गया है और इससे लाइसेंस रद्द होने का प्रावधान भी है।
गड़बड़ी की आशंका पर मीटर की भी कराई जांच
प्रशासनिक अमले को पेट्रोल पंप पर लगी मशीनों में गड़बड़ी की आशंका भी लगी। इसके तुरंत बाद मिड-गो कंपनी के कर्मचारी को मौके पर मशीन की जांच के लिए बुलाया गया। मुकेश कुमार ने बताया कि अगर मशीन में चिप लगवाई गई हो तो पांच लीटर पर कम से कम 100 एमएल की बचत पंप संचालक कर लेता है। ज्यों ही मुकेश कुमार ने मशीन खोलनी शुरू किया तो मशीन ही जवाब दे गई। शाम चार बजे तक मशीन ही ठीक नहीं हो पाई थी।
वर्जन::
हमने दो बार पेट्रोल पंप से सैंपल लिए हैं। एक डीजल का टैंकर नकली डीजल का मिला जबकि दूसरा रिफाइनरी से आया था। नकली डीजल मिलावटी होने की आशंका है और इसलिए जांच के लिए सैंपल मधुबन भेजे जाएंगे। इस प्रकार डीजल की मिक्सिंग करना नियमों के खिलाफ है और हमने फिलिंग स्टेशन को सील कर इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत भी दे दी है।
अनिल कालरा, डीएफएससी
वर्जन::
खाद्य आपूर्ति विभाग अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालक सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसमें कुछ लोगों की संलिप्तता की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच करेगी।
एसआई गल्लाराम, जांच अधिकारी, सदर पुलिस थाना