दिल्ली से रोहतक आने वाली गाड़ियों में सरेआम उड़ती हैं नियमों की धज्जियां
सामान्य कोच तो दूर महिला कोच में भी है समूह का कब्जा
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रेल गाड़ियों में सायं ढलते ही दैनिक यात्रियों का शोर शराबा शुरू हो जाता है। कोई समूह में फिल्मी गीत गाता है तो कोई भजन। यहीं नहीं ताश खेलने वालों के समूह के अलावा एक ग्रुप ऐसा भी है जो सरेआम गाड़ियों में शराब पीने और धूम्रपान करने से बाज नहीं आते। इन यात्रियों का ग्रुप बड़ा होने के चलते आम यात्री तो क्या दैनिक यात्री भी इनका विरोध नहीं कर पाते।
दिल्ली से रोहतक की ओर सायं आने वाली रेल गाड़ियों में सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ती रहती हैं। सामान्य कोच तो दूर महिला कोचों में कुछ महिला यात्रियों के समूह मनमानी करते हैं। इनसे परेशान यात्रियों की मानें तो दैनिक आवागमन होने के चलते वह इसकी शिकायत भी नहीं कर पाते। कुछ यात्री डरते हैं तो वह शौचालय में जा कर शराब पीते हैं और जो समूह में होते हैं वह खुले आम कोच में शराब पीते हैं। देर सायं आने वाली गाड़ियों में ऐसे यात्रियों की संख्या अधिक होती है। यात्रियों ने बताया कि शराब पीने वाले यात्री अपनी बोतलें, गिलास और सारा कूड़ा कोच में छोड़ जाते हैं। क्या सफाई करने वाले कर्मचारी इसकी जानकारी रेलवे प्रशासन को नहीं देते। गौरतलब है कि रोहतक रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 70 से अधिक गाड़ियों का आवागमन होता है और इसमें 20 हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। इसके बावजूद अधिकांश गाड़ियों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
बोले अधिकारी
महिला कोच की सुरक्षा के लिए महिला कांस्टेबल तैनात की गई हैं। इसके अलावा असामाजिक तत्वों के लिए जीआरपी के जवानों को भी नजर रखने को कहा जाएगा। जो भी गाड़ी में नियमों की अवहेलना करता पाया गया, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र, प्रभारी, जीआरपी थाना, रोहतक रेलवे जंक्शन
रेल गाड़ी के अंदर आरपीएफ के जवानों को निर्देश दिए जाएंगे कि वह असामाजिक तत्वों पर नजर रखें। जो भी रेलवे परिसर या ट्रेन में नियमों की अवहेलना करता पाया गया तो उस पर रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- एसपी सिंह, प्रभारी आरपीएफ, रोहतक रेलवे जंक्शन