नहरों में पहुंचा 897 क्यूसेक पानी, दो सप्ताह में लबालब होंगे वाटर स्टोरेज टैंक
चरखी दादरी।
जिले की नहरों में 897 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। नहरी पानी आने पर जनस्वास्थ्य विभाग ने दोनों जलघरों के खाली पड़े टैंकों को भरने का काम शुरू कर दिया है। नहरें आने से पहले जलघरों के ज्यादातर वाटर टैंक खाली पड़े थे और इसका असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा था। वहीं, विभाग नहरी पानी आने के बाद ट्यूबवेल के लवणीय पानी मिक्स पेयजल सप्लाई भी बंद कर देगा। नहरी पानी की टर्न इस बार भी 16 दिनों की रहेगी। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अगले दो सप्ताह में ही दोनों मुख्य जलघरों के वाटर स्टोरेज टैंक फुल होने का तर्क दे रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा शहर में बंद करवाए गए पावर कटों का फायदा अब पेयजल सप्लाई के समय जनता को मिलेगा।
पिछले 15 दिनों से शहर में पेयजल की किल्लत चली आ रही है और विभाग को बोरिंग ट्यूबवेल का पानी ही सप्लाई करना पड़ रहा है। इससे पहले मानसून सीजन में पेयजल की कमी नहीं रही। नहरों में मानसून सीजन के दौरान 73 दिनो तक पानी लगातार चला। पिछले माह 22 सितंबर को नहरी पानी बंद हो गया था। नहरी पानी बंद होने पर शहर में पेयजल संकट गहरा गया। शहर के दोनों जलघरों की पेयजल क्षमता 20 दिन की है। शहर का मेन चंपापुरी जलघर है यहां चार बड़े वाटर टैंक हैं जिनमें पानी खत्म हो गया था। इस जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर है। इस जलघर से शहर के करीब 65 प्रतिशत एरिया में पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार रामनगर जलघर में दो बड़े वाटर टैंक हैं जो खाली हो गए हैं। इस जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। इस जलघर से शहर के 35 प्रतिशत एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है। इस जलघर से कालेज रोड, गामड़ी एरिया, हीरा चौक, गोशाला रोड, महेंद्रगढ़ चुंगी एरिया, जनता कालेज ,कबाड़ी बस्ती सहित विभिन्न क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जाती है जबकि मेन चंपापुरी जलघर से शहर का मेन एरिया, मेन बाजार, गांधी नगर, प्रेमनगर, अनाज मंडी, दिल्ली रोड, घिकाड़ा रोड व लोहारू रोड स्थित आधा दर्जन वार्डों में सप्लाई की जाती है। बस स्टैंड रोड, पुराना बस स्टैंड एरिया, रेलवे रोड, रेस्ट हाउस, एसपी,एसडीएम, डीसी आवास के अलावा पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों व अधिकारियों की कालोनियों में भी चंपापुरी जलघर से पानी की सप्लाई की जाती है। इस समय शहर में ट्यूबवेल का पानी मिलाकर आपूर्ति करनी पड़ रही है। हालांकि ट्यूबवेलों का पानी लवणीय है लेकिन फिल्टर मीडिया सिस्टम के जरिए इस पानी को शुद्ध व गुणवत्तापरक बनाकर सप्लाई किया जा रहा है। विभाग ने जलघरों के समीप ही करीब एक दर्जन ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं जिनकी आपात समय में मदद ली जाती है। नहरी पानी आने के बाद अब जन स्वास्थ्य विभाग लवणीय पानी मिक्स पेयजल सप्लाई नहीं करेगा और इससे आमजन को राहत मिलेगी।
दीपावली पर खपत होती है ज्यादा
दिवाली पर्व पर अब पेयजल की किल्लत नहीं हो सकेगी। सोमवार को जिले की नहरों में पानी पहुंच गया है। जिले को इस बार रिकार्ड 897 क्यूसेक पानी मिला है जबकि इंडेंट 850 क्यूसेक पानी का भेजा गया था। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी शहर के जलघरों में पानी डाले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सोमवार देर रात तक शहर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी पहुंच जाएगा।
==वर्सन-
नहरी पानी पहुंच चुका है और अब शहर के दोनो जलघरों के वाटर स्टोरेज टैंकों को भरने का काम चल रहा है। आगामी 15 दिनों में वाटर स्टोरेज टैंकों पानी से भर दिया जाएगा। शहर में अब पेयजल संकट की कमी नहीं रहेगी।
जेई नरेंद्र, जनस्वास्थ्य विभाग