स्कूलों की पेयजल टंकियों में लारवा, थमाया नोटिस
चरखी दादरी।
दो दिनों में शहर के करीब आधा दर्जन स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता में स्वास्थ्य विभाग को खामियां मिली हैं। इतना ही नहीं इन स्कूलों में बच्चों के लिए मुहैया पेयजल के ओटी टैस्ट भी फेल मिला है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का तर्क है कि ओटी टैस्ट में क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई और इन स्कूलों पेयजल पीने लायक नहीं है। इतना ही नहीं कुछ स्कूलों की पेयजल टंकियों में स्वास्थ्य विभाग की टीम को लारवा भी मिला है। स्कूल प्रबंधन समिति की लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस थमा दिए हैं। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा ने स्वास्थ्य विभाग को पेयजल की जांच के संबंध में निर्देश जारी किए थे। पिछले कुछ माह में पेयजल आपूर्ति में जन स्वास्थ्य विभाग ने कुछ हद तक सुधार किया है लेकिन पानी की गुणवत्ता अभी भी पहले जैसी ही है। पिछले माह जहां शहर में पानी के आठ में से सात सैंपल फेल आए थे तो करीब एक दर्जन स्कूलों में भी खामियां पाई गई थीं। स्कूलों में खामियां मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने प्रबंधन समिति को नोटिस थमाकर पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अन्य स्कूल संचालकों ने कोई सबक नहीं लिया। अब भी शहर में कई स्कूल ऐसे हैं जो स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार बच्चों को गुणवत्तापरक पेयजल सप्लाई मुहैया नहीं करवा रहे। वहीं, कुछ स्कूलों में तो साफ-सफाई का भी बुरा हाल है। इन स्कूलों में बनी पेयजल टंकियों की न तो नियमित सफाई की जा रही है और न ही क्लोरीन युक्त पानी बच्चों को मुहैया करवाया जा रहा। इस बात की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की है। स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश कुमार का कहना है कि बीते दो दिनों में टीम ने छह स्कूलों का निरीक्षण किया और सभी में कुछ न कुछ खामियां मिली है। इसके बाद टीम ने हरकत में आते हुए स्कूल प्राचार्य या प्रबंधन समिति को चेतावनी नोटिस थमा दिया है। स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान कुछ स्कूलों की पानी की टंकियों, कूलरों या अन्य बर्तनों में लारवा पाया गया तो कुछ में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान लगभग सभी स्कूलों का ही ओटी टैस्ट फेल आया। उन्होंने बताया कि जो पानी का सैंपल टैस्ट के लिए लिया गया था उसमें क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई। उन्होंने बताया कि बिना क्लोरीन के पानी का सेवन सेहत के लिए खतरनाक है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम में उनके अलावा इंद्रजीत, तेजबीर व हरीश भी शामिल थे।
किस स्कूल में क्या मिली स्वास्थ्य विभाग की टीम को खामियां
वैश्य गर्ल्स व ब्वॉयज स्कूल में मिला लारवा
स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को टीम ने वैश्य गर्ल्स व ब्वॉयज स्कूल का निरीक्षण कर साफ-सफाई व पानी के सैंपलों की जांच की। उन्होंने बताया कि वैश्य ब्वॉयज स्कूल में छत की साफ-सफाई करवाई गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान छत पर रखी पानी की टंकियों की जांच की गई तो इनमें लारवा पाया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा छत पर रखे एक ड्रम में भी लारवा मिला। उन्होंने बताया कि स्कूल में पानी का ओटी टैस्ट करने पर क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई। स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश ने बताया कि वैश्य गर्ल्स स्कूल में निर्माण कार्य चल रहा है और छत पर रखे ड्रम में लारवा पाया गया। इसके अलावा ऑफिस कार्यालय में लगे कूलर में भी लारवा मिला। उन्होंने बताया कि वैश्य गर्ल्स स्कूल के ओटी टैस्ट में भी क्लोरिन की मात्रा शून्य पाई गई। उन्होंने बताया कि संस्था की दोनों शाखाओें को नोटिस थमाए गए हैं।
गीता भवन स्कूल का ओटी टैस्ट भी फेल
स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को गीता भवन स्कूल का भी टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान यहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त मिली लेकिन जब स्कूल के पेयजल का ओटी टैस्ट किया गया तो इसमें क्लोरीन की मात्रा शून्य मिली। उन्होंने बताया कि पानी की टंकी की जांच करने पर यह दुरुस्त मिली। स्वास्थ्य निरीक्षण ने बताया कि स्कूल प्राचार्य को डेंगू, मलेरिया व चिकगुनिया आदि बीमारियों की जानकारी भी टीम ने दी।
जीआरवी नर्सिंग स्कूल में भी मिली खामियां
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को जीआरवी नर्सिंग स्कूल का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि टीम ने स्कूल के ग्राउंड में बनी पानी की टंकियों व टायरों की जांच की तो इनमें लारवा पाया गया। निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि स्कूल के पानी का ओटी टैस्ट किया गया तो इसमें भी क्लोरीन की मात्रा न के बराबर मिली। उन्होंने बताया कि इन अनियमितताओं पर स्कूल प्राचार्य व प्रबंधन समिति को चेतावनी दी गई और टीम ने पानी की टंकियों व टायरों में जमा पानी को निकलवाया।
गीता निकेतन स्कूल में मिला लारवा
स्वास्थ्य निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि टीम ने वीरवार को गीता निकेतन स्कूल का भी दौरान किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्कूल परिसर की छत की साफ-सफाई करवाई गई। उन्होंने बताया कि पानी की टंकी व कूलर की जांच की गई तो इनमें लारवा नहीं मिला लेकिन एक मिट्टी के बर्तन में लारवा पाया गया। उन्होंने बताया कि पानी का ओटी टैस्ट करने पर क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई। स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि स्कूल को खामियों पर नोटिस थमाया गया है।
गीता निकेतन नर्सिंग स्कूल का भी ओटी टैस्ट फेल
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम ने गीता निकेतन नर्सिंग स्कूल का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि छत व स्कूल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त पाई गई और यहां लारवा भी नहीं मिला। जगदीश कुमार ने बताया कि जब पानी का ओटी टैस्ट किया गया तो इसमें क्लोरीन की मात्रा न के बराबर मिली।
वर्जन::
डीसी के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग स्कूलों में पेयजल सहित साफ-सफाई की जांच कर रही है। जिन स्कूलों में खामियां सामने आ रही हैं उन्हें नोटिस भी थमाए जा रहे हैं। भविष्य में खामियों को न सुधारने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम