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ढाई हजार में कैसे खरीदें साइकिल, असमंजस में अधिकारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। शिक्षा विभाग की तरफ से एससी वर्ग के छात्रों की साइकिल के लिए तय की गई राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रही है। महंगाई के इस दौर में साधारण साइकिल भी साढ़े तीन हजार रुपये से कम नहीं है। जबकि विभाग की तरफ से अलग-अलग वर्ग के लिए ढाई हजार से तीन हजार के बीच की राशि निर्धारित की गई है।
दरअसल, शिक्षा विभाग की तरफ से एससी वर्ग के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए साइकिल बांटी जाती हैं। छठीं, नौवीं और 11वीं कक्षा के उन छात्रों को साइकिलें दी जाती है, जिनके घर स्कूल से करीब दो किलोमीटर दूर है। विभाग की तरफ से पिछले साल करीब 160 साइकिलें भेजी गई थी, जिन्हें समय से नहीं बांटा गया और उनमें काफी हद तक खराब हो गई थी। कुछ माह पहले यह मामला सुर्खियों में आने के बाद विभाग ने साइकिल बांटने का नियम ही बदल दिया था। विभाग की तरफ से जारी आदेशों में कहा गया कि अब छात्रों को साइकिल खुद लेनी होगी। इसके बाद वह उसका बिल अधिकारियों को देगा और रुपये मिल जाएंगे। विभाग की तरफ से 20 इंची साइकिल खरीदने के लिए 2550 रुपये और उससे बड़ी साइकिल खरीदने के लिए करीब 2750 रुपये निर्धारित किए गए थे। अब हालात यह हो गए है कि इतनी कम धनराशि तय होने के कारण इक्का-दुक्का छात्रों को छोड़ कोई भी साइकिल नहीं खरीद पा रहा। क्योंकि इस राशि में साधारण साइकिल भी नहीं आ सकती। ऐसे में सवाल यह है कि इतनी कम राशि में छात्र कहां से साइकिल खरीदेंगे और योजना का पात्र होने के बाद भी वह इससे वंचित रह जाएंगे।
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साइकिल की कीमत 20 हजार तक
भिवानी रोड पर साइकिल विक्रेता विक्रम सिंह का कहना है कि फिलहाल साइकिलों का क्रेज दोबारा से बढ़ा है। ऐसे में साइकिल पहले के मुकाबले महंगी हुई है। एटलस हो या फिर हीरो, किसी भी कंपनी की साइकिल साढ़े तीन या चार हजार से कम नहीं है। इसके ऊपर अलग-अलग कैटेगिरी में 20 हजार रुपये तक साइकिल खरीदी जा सकती है।

वर्जन
छात्रों और स्कूलों की तरफ से शिकायत आ रही है कि इतनी कम राशि में बाजार में कोई भी साइकिल नहीं है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
- सुनीता रूहिल, जिला शिक्षा अधिकारी
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